कौशाम्बी: DRM ने भरवारी रेलवे स्टेशन का किया निरीक्षण,बोले अंडरपास ब्रिज की टेंडर प्रक्रिया जारी,जल्द होगा निर्माण,जर्जर फुट ओवरब्रिज के स्थान पर होगा जल्द नवनिर्माण,
यूपी के कौशाम्बी जिले के भरवारी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे रेलवे DRM प्रयागराज रजनीश अग्रवाल ने स्टेशन परिसर में हो रहे निर्माण की प्रगति देखी एवं यात्रियों की सुविधाओं के संबंध में अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के पूरे किए जाने के संबंध में संबंधित को निर्देश दिए।
इस दौरान भरवारी रेलवे क्रासिंग पर जाम के चलते होने वाली समस्या के निदान के लिए रेलवे अंडरपास ब्रिज के निर्माण और टेंडर के सम्बन्ध में मीडिया के सवाल पर उन्होंने बताया कि अंडरपास ब्रिज निर्माण के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है,अगले साल तक उम्मीद है कि अंडरपास ब्रिज का निर्माण शुरू हो जाएगा।वही रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म को पार करने वाले फुट ओवरब्रिज के जर्जर होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जल्द ही फुट ओवरब्रिज का नया निर्माण कराया जाएगा और पुराने को ध्वस्त कराया जाएगा,वही भरवारी रेलवे स्टेशन पर अन्य यात्री गाड़ियों के स्टॉपेज के सवाल पर उन्होंने कहा कि पत्र भिजवाइए उसके बाद देखा जाएगा कि कौन सी ट्रेन का स्टॉपेज यहां पर दिया जा सकता है।
आपको बता दे कि भरवारी रेलवे क्रॉसिंग पर RUB/ROB निर्माण की मांग में रोहित वैश्य की भूमिका अत्यंत सक्रिय रही है। भरवारी रेलवे क्रॉसिंग पर वर्षों से लगने वाले जाम की समस्या के समाधान के लिए ग्लोबल ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन लगातार प्रयासरत रहा है। संस्था के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहित वैश्य ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए 09 मार्च 2025 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन सौंपकर भरवारी रेलवे क्रॉसिंग पर RUB/ROB निर्माण की मांग की थी।
इसके बाद 18 नवंबर 2025 को रोहित वैश्य ने प्रयागराज मंडल के ADRM के साथ प्रस्तावित निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात समस्याओं, सुरक्षा संबंधी चुनौतियों तथा स्थानीय नागरिकों की मांगों को विस्तार से अधिकारियों के समक्ष रखा था। उन्होंने निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग भी की थी।
इसके क्रम में 03 दिसंबर 2025 को उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के DRM रजनीश अग्रवाल, ADRM नवीन प्रकाश, GM नरेशपाल एवं इंजीनियरिंग टीम ने भरवारी रेलवे क्रॉसिंग का विस्तृत निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं, यातायात व्यवस्था एवं स्थानीय आवश्यकताओं का मूल्यांकन भी किया गया था।








