RSS कार्यालय भरवारी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर शाखा के उपरांत योग का आयोजन

कौशाम्बी: RSS कार्यालय भरवारी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर शाखा के उपरांत योग का आयोजन,

यूपी के कौशाम्बी जिले में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय भरवारी में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शाखा के आयोजन के क्रम में सर्व प्रथम भारत माता को दीप प्रज्ज्वलित कर मंगलाजरण किया गया।

ॐ सह नाववतु ।

सह नौ भुनक्तु।

सह वीर्यं करवावहै।

तेजस्विनावधितमस्तु मा विद्विषावहै ।

ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति:।।

के बाद डॉ प्रेम प्रकाश शर्मा द्वारा सूक्ष्म व्यायाम, प्रणायाम कराया गया,इस दौरान उन्होंने योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वथ जीवन और आत्मिक उन्नति का विज्ञान पर बल दिया, इसी क्रम में नगर सह संचालक ज्ञान प्रकाश द्विवेदी द्वारा “योगश्चित्तवृत्तिनिरोध:” अर्थात मन की चंचल वृत्तियों का निरोध ही योग है।योग का उद्देश्य केवल रोग दूर करना ही नहीं है, बल्कि व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से संतुलित बनाना है।

इस शुभ अवसर पर जिला प्रचारक शिवप्रसाद, जिला सामाजिक समरसता प्रमुख डॉ प्रेम प्रकाश शर्मा, जिला व्यवस्था प्रमुख नर्वदाप्रसाद, जिला मार्ग प्रमुख सत्य प्रकाश, नग‌र सह संचालक ज्ञान प्रकाश,नगर प्रचारक कल्यान सिंह, नगर कार्यवाह मणि शेखर, नगर व्यवस्था प्रमुख संगमलाल,केशव शाखा आर एस एस कार्यालय के शाखा कार्यवाह सुशील कुमार, मुख्य शिक्षक जयसिंह,सह मुख्य शिक्षक शारदा प्रसाद वर्मा,गटनायक कृष्ण स्वरूप झा, नगर बौद्धिक प्रमुख सतीश चन्द्र , राष्ट्रीय स्वयं सेवक विजय शंकर शुक्ला,रामसुमेर पाल, विजय कुमार,सत्येन्द्र, स्वयं सेविका भानवी,अक्षरा, जिला व्यवस्था प्रमुख सुभाषित, अमृत वचन संगमलाल, एवं प्रचारक जी द्वारा यह गीत

जीवन में कुछ करना है तो मन ……?नगर बौद्धिक प्रमुख सतीश चन्द्र तिवारी द्वारा बताया गया कि 27 सितंबर 2017 को भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी ने यूनिट नेशनल कांफ्रेंस महासभा में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा 21जून को ही क्यों चुना गया 21जून वर्ष का सबसे लंबा दिन माना जाता है भारतीय योग परंपरा में इसे दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 177देशों के समर्थन से 21जून को अंतरराष्ट्रीय योग घोषित कर दिया।

अन्त में समापन मंत्र

सर्वे भवन्तु सुखिन:।

सर्वे सन्तु निरामया:।

मा कश्चितदु:खभाग्भवेत ।।

ॐ शान्ति: ॐशान्ति:ॐशान्ति:

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor