कौशाम्बी: मेडिकल कॉलेज में ही मिलेगा उन्नत स्त्री रोग का इलाज,पहली बार हुई सैक्रल कोल्पोपेक्सी की सफल सर्जरी,
यूपी के कौशाम्बी मेडिकल कॉलेज ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए पहली बार वैजाइनल वाल्ट सस्पेंशन (सैक्रल कोल्पोपेक्सी) जैसी जटिल एवं उच्चस्तरीय स्त्री रोग शल्यक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न की है। यह उपलब्धि न केवल मेडिकल कॉलेज की चिकित्सीय दक्षता को प्रदर्शित करती है, बल्कि जनपद एवं आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
यह सफल ऑपरेशन स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की वरिष्ठ विशेषज्ञ डा. यासमीन उबैद (सह आचार्य) के नेतृत्व में सम्पन्न किया गया। शल्यक्रिया में डा. विशाखा दीक्षित, वरिष्ठ एनेस्थेटिस्ट डा. टी.बी. मौर्य, ओ.टी. टेक्नीशियन दीपक कुमार एवं हिमांशु तथा स्टाफ नर्स कौशल देवी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेषज्ञों के अनुसार, कई महिलाओं में बच्चेदानी निकालने (हिस्टेरेक्टॉमी) के पश्चात एक गंभीर जटिलता के रूप में वैजाइनल वाल्ट प्रोलैप्स की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिसमें योनि का ऊपरी भाग अपनी सामान्य स्थिति से नीचे खिसककर बाहर आने लगता है। इस कारण मरीज को मल-मूत्र त्यागने में कठिनाई, चलने-फिरने में असुविधा तथा दैनिक जीवन में अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
सैक्रल कोल्पोपेक्सी आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की एक उन्नत एवं प्रभावी शल्यक्रिया है, जिसके माध्यम से प्रभावित अंग को पुनः उसकी प्राकृतिक स्थिति में स्थापित कर मरीज को स्थायी राहत प्रदान की जाती है। इस जटिल प्रक्रिया का सफल निष्पादन महाविद्यालय में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रमाण है।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डा.) हरिओम कुमार सिंह ने इस उपलब्धि पर पूरी चिकित्सा टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य जनपदवासियों को महानगरों के समकक्ष गुणवत्तापूर्ण एवं उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता एवं टीमवर्क के परिणामस्वरूप आज महाविद्यालय नई-नई चिकित्सा उपलब्धियों को प्राप्त कर रहा है। इस सफलता के साथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, कौशाम्बी ने महिला स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ा है तथा यह सिद्ध किया है कि जनपद स्तर पर भी जटिल एवं उन्नत शल्यक्रियाएं सफलतापूर्वक सम्पन्न की जा सकती हैं। इससे क्षेत्र की महिलाओं को समय पर उपचार मिलने के साथ-साथ अनावश्यक आर्थिक एवं मानसिक बोझ से भी राहत मिलेगी।








