कौशाम्बी: कौशाम्बी पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को पैसा दोगुना करने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के तीन शातिर को किया अरेस्ट,
यूपी के कौशाम्बी जिले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को पैसा दोगुना करने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर क्राइम थाना और मंझनपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरोह के सरगना समेत तीन सक्रिय सदस्यों को अरेस्ट किया है। आरोपियों के कब्जे से एंड्रॉयड मोबाइल, फर्जी आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, नकदी, घटना में प्रयुक्त बाइक और फर्जी दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड बरामद किया गया है।
एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि हिरौरिया निवासी शिवबाबू, कशिया निवासी प्रेम प्रकाश और गन्ना पिपरी निवासी गुलाब चंद्र के बैंक खातों से साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इन मामलों में मंझनपुर और पश्चिम शरीरा थाने में मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को अरेस्ट किया।
अरेस्ट किए गए आरोपियों में निखिल सिंह पुत्र अंजनी सिंह निवासी जजौली टेवा थाना मंझनपुर कौशाम्बी , आदित्य कुमार पुत्र अजय कुमार निवासी सेमरहटा थाना धाता (फतेहपुर) तथा आयुष यादव पुत्र रामबाबू यादव निवासी सेमरहटा थाना धाता (फतेहपुर) शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर साइबर ठगी करते थे। ठगी से प्राप्त धनराशि अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराकर नकद निकाल लेते थे या ऑनलाइन खरीदारी कर भुगतान कर देते थे। संदेह होने पर दुकानदारों को फर्जी आधार कार्ड दिखाकर स्वयं को कौशांबी का निवासी बताते थे, ताकि उनकी वास्तविक पहचान उजागर न हो सके।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 4 फर्जी आधार कार्ड, 4 एटीएम कार्ड, 2 बैंक पासबुक, 1500 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल (UP71 AP 3291) तथा एक फर्जी दिल्ली पुलिस आईडी कार्ड बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ भोपाल, चूरू (राजस्थान), कोल्हापुर, नागपुर और उधमपुर (जम्मू-कश्मीर) समेत विभिन्न राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर भी साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।








