सच्ची लगन एवं दृढ़ संकल्प से प्राप्त किया जा सकता है हर लक्ष्य- प्रो. राजकुमार चौधरी

कौशाम्बी: सच्ची लगन एवं दृढ़ संकल्प से प्राप्त किया जा सकता है हर लक्ष्य- प्रो. राजकुमार चौधरी,

यूपी के कौशाम्बी जिले में स्मृतिशेष पुष्पा दिवाकर की स्मृति में 36वीं जयन्ती के अवसर पर वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन फ़ॉर रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट ऑफ धोबिस (WORDD) के द्वारा पुष्पा देवी पुस्तकालय के तत्वावधान में आदर्श कोचिंग सेंटर के संयोजन में संत गाडगे मुहल्ला तिल्हापुर चायल कौशाम्बी में ‘शैक्षणिक, सामाजिक उन्नयन एवं खेल प्रतियोगिता 2026’ का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के शुरुआत में पुष्पा दिवाकर पुस्तकालय के संचालक राहुल दिवाकर ने अतिथियों को बैज लगाकर एक-एक पौधा, रजक चेतना पत्रिका और स्मृतिचिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर अतिथियों द्वारा शिक्षा, खेल, संगीत और कला, विज्ञान आदि विषयों पर प्रकाश डाला गया जिसे बच्चों ने बड़े ही मनोयोग से सुना जो निश्चित रूप में उनके भविष्य के लिए संजीवनी का काम करेगी।

डॉ. सन्दीप दिवाकर ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं और उनके पास उन्मुक्त विचरण के लिए पूरा संसार होता है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन देने की आवश्यकता है।

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता ममता दिवाकर ने सभी विजेताओं को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि जो प्रतिभाएं इस बार पुरस्कार नहीं पा सकीं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है; यह आपकी अगली बड़ी जीत की शुरुआत है।आप अपनी मेहनत की दिशा को यूं ही बनाए रखें और अपने सपनों को कभी भी कम न होने दें।

डॉ. नरेन्द्र दिवाकर ने सभी प्रतिभागियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और सच्ची खेल भावना के साथ भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया तथा खेल को जीवन शैली के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

प्राध्यापक सुरेन्द्र चौधरी ने संघर्ष और सफलताओं से ओतप्रोत कहानियां सुनाकर बच्चों को प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के मुख्य अथिति वरिष्ठ सर्जन एवं प्रोफेसर सर्जरी विभाग मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज डा. राजकुमार चौधरी ने अपने जीवन संघर्ष के यथार्थ से रूबरू कराते हुए शिक्षा को वर्तमान समय की सबसे बड़ी ताकत बताया और समय की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह समारोह केवल पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह आप सभी की मेहनत, लगन और उत्कृष्ट प्रतिभा का सच्चा उत्सव है।

आज जिन प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया है, उन्होंने अपनी क्षमता से यह साबित कर दिया है कि सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प से हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्रधानाध्यापक झल्लू दिवाकर ने सभी बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि बच्चों को आत्मविश्वास, अनुशासन और सच्ची खेल/प्रतियोगिता की भावना के साथ किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रसिद्ध गजलकार अनिल ‘मानव’ ने बीच बीच में अपनी रचनाओं के जरिए शमां को बांधे रखा।

समारोह का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। जिसमें विद्यार्थियों तथा खिलाड़ियों में अनुशासन, ऊर्जा और खेल भावना को बढ़ाने के लिए सप्ताह भर चली विभिन्न प्रतियोगिताओं यथा सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, चित्रकला, लंबी कूद, खो-खो और रस्साकशी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों व प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के द्वारा मेडल, सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी और हिन्दी व्याकरण की पुस्तकों सहित स्टेशनरी सामग्री और प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।

सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में अदिति, रागिनी, नीतू ने तथा चित्रकला में आलोक, श्रेया, आदर्श, लंबी कूद में सत्यम, आर्यन, शुभम ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। खो-खो में रोशनी की टीम और रस्साकशी में अंश की टीम ने बाजी मारी।अभिभावकों की उत्साहपूर्ण तालियों की गड़गड़ाहट ने एक सौहार्द्रापूर्ण और उत्साहवर्धक वातावरण का निर्माण किया। कार्यक्रम का संचालन मशहूर गजलकार एवं कवि अनिल मानव ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन कोचिंग के सह संचालक हरिशंकर दिवाकर ने किया।

इस अवसर पर पुष्पा दिवाकर पुस्तकालय एवं कोचिंग संचालक राहुल दिवाकर, अमरदीप दिवाकर, सह संचालक हरिशंकर दिवाकर, अनिल मानव, विजय कुमार, अनिल कुमार, उमेश दिवाकर, अरविन्द चौधरी, सुनील, मंजीत, संदीप, अनुज, दीपक, आदर्श, अंशु, प्रद्युम्न, सत्येंद्र, रोशनी, जूही, रिमझिम, प्रीति, सीमा, नीता, राम भवन, प्रवीण दिवाकर, तेजस और श्रेयस सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण लोग मौजूद रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor