कौशाम्बी: कौशाम्बी में पिछड़े वर्ग से कांग्रेस पार्टी का जिला अध्यक्ष बनाए जाने की मांग हुई तेज,कार्यकर्ताओं का तर्क पिछड़ों के नेतृत्व को मिले मौका,
यूपी के कौशाम्बी जिले में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया के बीच कौशाम्बी में पिछड़े वर्ग से जिला अध्यक्ष बनाए जाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिले के पर्यवेक्षक डॉक्टर शिव शंकर डहरिया से मांग कि है कि इस बार संगठन में सामाजिक न्याय और समावेशी प्रतिनिधित्व की भावना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कार्यकर्ताओं का तर्क है कि कौशाम्बी जिले से वर्तमान में दो विधायक पिछड़े वर्ग से आते हैं, जो जिले की सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को दर्शाता है। इसके बावजूद कांग्रेस ने अब तक जिले में पिछड़े वर्ग के किसी नेता को जिला अध्यक्ष बनने का अवसर नहीं दिया है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि कांग्रेस हमेशा सामाजिक न्याय, समान अवसर और सभी वर्गों की भागीदारी की पक्षधर रही है। ऐसे में जिला अध्यक्ष के चयन में भी इन्हीं सिद्धांतों को लागू करते हुए पिछड़े वर्ग के योग्य, सक्रिय, संघर्षशील और जनाधार वाले नेता को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विश्वास है कि पिछड़े वर्ग से जिला अध्यक्ष बनाए जाने का निर्णय न केवल संगठन को मजबूत करेगा, बल्कि समाज के सभी वर्गों में सकारात्मक संदेश देगा और आगामी चुनावों में पार्टी को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
विधि विभाग के प्रदेश सचिव रविकांत प्रजापति, पूर्व जिला उपाध्यक्ष श्रवण जयसवाल, OBC कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सरवरे आलम, सत्यवंत पटेल, वसीम तुर्क, पिंटू पटेल, नदीम अहमद, मुकेश विश्वकर्मा, कैसर अब्बास नकवी, अमित साहू सहित सेंकड़ों कार्यकर्ताओं ने मांग कि है कि कौशाम्बी का जिला अध्यक्ष अभी तक पिछड़ा सामाज से नहीं बना है और इस बार पार्टी को पिछड़े वर्ग का बनाये जाने की माँग करते हैं l








