कौशाम्बी: कौशाम्बी में श्रद्धा और वैदिक परंपरा के साथ मनाया गया श्रावणी पर्व,संदीपन घाट पर ब्राह्मण समाज ने किया श्रावणी उपाकर्म,महंत सत्य नारायण दास का हुआ सम्मान,
यूपी के कौशाम्बी जिले के संदीपन घाट स्थित गंगा तट पर शुक्रवार को ब्राह्मण समाज की ओर से श्रावणी पर्व एवं श्रावणी उपाकर्म का आयोजन श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के साथ किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग गंगा तट पर एकत्र हुए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आत्मशुद्धि, प्रायश्चित तथा आध्यात्मिक उन्नति का संकल्प लिया।
श्रावणी पर्व के अवसर पर वैदिक विधि से हेमाद्रि प्राक्त, प्रायश्चित संकल्प, सूर्य आराधना, दसविधि स्नान, तर्पण, सूर्योपस्थान, यज्ञोपवीत पूजन एवं धारण, प्राणायाम, अग्निहोत्र और ऋषि पूजन संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने मां गायत्री, मां सरस्वती, अरुंधती सहित देवगणों की पूजा-अर्चना कर क्षमा प्रार्थना की और आगामी वर्ष के लिए आध्यात्मिक शक्ति एवं सद्बुद्धि की कामना की।
कार्यक्रम में आचार्य की भूमिका पूर्व प्राचार्य पंडित मुरलीधर मिश्र ने निभाई। उन्होंने श्रावणी उपाकर्म की महत्ता बताते हुए कहा कि यह पर्व आत्मशुद्धि, प्रायश्चित, स्वाध्याय और ऋषि परंपरा के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि संस्कार के माध्यम से मनुष्य अपने जीवन में ज्ञान और आध्यात्मिक अनुशासन को आगे बढ़ाता है। वर्तमान समय में वैदिक शिक्षा और गुरुकुल परंपरा सीमित होने के बावजूद स्वाध्याय की यह परंपरा प्रतीकात्मक रूप से निरंतर जारी है।
श्रावणी पर्व के अवसर पर संदीपन घाट मंदिर के महंत श्री सत्य नारायण दास जी को ब्राह्मण समाज की ओर से सम्मानित किया गया। पूर्व प्राचार्य पंडित मुरलीधर मिश्र, अवकाश प्राप्त सूचना निदेशक दिनेश गर्ग एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राम प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में ब्राह्मण समाज के लोगों ने उन्हें शाल एवं पटका पहनाकर स्वागत किया तथा फूल-मालाओं से सम्मानित किया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि संदीपन घाट की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में महंत सत्य नारायण दास की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में क्षेत्र के संत समाज और ब्राह्मण समाज के लोगों की उपस्थिति में उन्हें महंत के रूप में समर्थन एवं सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान समारोह के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पुष्पमालाओं से उनका अभिनंदन किया।
श्रावणी पर्व का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ वैदिक परंपराओं, स्वाध्याय और सामाजिक एकजुटता का संदेश देते हुए संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में दिनेश गर्ग, राम प्रकाश मिश्रा एडवोकेट, दिनेश शांडिल्य, विष्णु प्रकाश मिश्रा, सिद्धार्थ दुबे, ज्ञान प्रकाश दुबे, शंकर दयाल मिश्र, श्रीकृष्ण पांडे, ब्रजेश मिश्रा, राजीव तिवारी, गणेश महाराज सहित सैकड़ों गणमान्य ब्राह्मण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जय मां गायत्री, जय मां सरस्वती, जय सप्तऋषि और जय ब्राह्मण समाज के जयकारों से गंगा तट गुंजायमान रहा।








