कौशाम्बी: मुख्यमंत्री के गोरखपुर से सीधे प्रसारण के साथ कौशाम्बी में 250 शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मानित,
यूपी के कौशाम्बी जिले के मुख्यालय मंझनपुर स्थित उदयन सभागार मे मंगलवार को शिक्षामित्र/अनुदेशक मानदेय वृद्धि सम्मान समारोह का अत्यंत भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। बेसिक शिक्षा विभाग कौशाम्बी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद के कोने-कोने से आए शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के चेहरों पर मानदेय वृद्धि की खुशी और सम्मान की चमक साफ देखी गई।
कार्यक्रम का तकनीकी प्रारंभ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर प्रेक्षागृह से दिए गए संबोधन के साथ हुआ। पूरे प्रदेश की भांति कौशाम्बी में भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विकास में शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना और मानदेय वृद्धि की घोषणा का सभागार में उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।
प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम के उपरांत जनपद स्तरीय समारोह का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ल, विशिष्ट अतिथि पूजा पाल विधायक चायल,राज्य महिला आयोग सदस्य प्रतिभा कुशवाहा, डीएम डॉ.अमित पाल शर्मा,सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी,BSA डॉ.कमलेंद्र कुमार कुशवाहा एवं डायट प्राचार्य निधि शुक्ला द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
माँ सरस्वती पूजन अर्चन के दौरान के जी बी वी मंझनपुर की बालिकाओं द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम प्रस्तुत किया गया, तदुपरांत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ कमलेंद्र कुमार कुशवाहा के नेतृत्व में अधिकारियों द्वारा सभी मंचासीन अतिथियों का बुके भेंट कर अंगवस्त्रम धारण कराते हुए बैच अलंकरण कर परिवेशीय तंत्र के ध्यानार्थ स्मृति चिन्ह के रूप में पौधे भेंट करते हुए गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
तत्पश्चात जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ.कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने अपने विस्तृत संबोधन में कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा मित्रों के संघर्ष की सराहना करते हुए विभाग की वर्तमान योजनाओं,विशेषकर ‘स्कूल चलो अभियान’ और कायाकल्प योजना की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र विभाग की रीढ़ हैं और उनका यह सम्मान जनपद की शैक्षिक गुणवत्ता को और सुदृढ़ करेगा।
सम्मान की गौरवशाली परंपरा में समारोह का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण वह था जब जनपद के सभी आठों विकास खंडों से चयनित दस-दस शिक्षामित्रों और पांच-पांच अनुदेशकों को मंच पर आमंत्रित किया गया। मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा उन्हें शाल भेंटकर, माला पहनाकर और दैनंदिनी-तूलिका का सेट भेंट करते हुए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान पाकर वीरेंद्र,रत्नाकर, तलत जैसे शिक्षा मित्रों की आँखें नम दिखीं,उन्होंने इसे अपनी वर्षों की सेवाओं का सच्चा प्रतिफल बताया।
चायल विधायक पूजा पाल ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र का निर्माता होता है और मानदेय में वृद्धि शिक्षा मित्रों के जीवन में स्थायित्व और उत्साह लेकर आएगी।
राज्य महिला आयोग सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने शिक्षा मित्रों के त्याग,परिश्रम से जनपद कौशाम्बी को उत्तर प्रदेश में चौथे स्थान पर आने हेतु बधाई दिया।साथ ही बेहतर शुभकामनाएं देते हुए सतत शिक्षण से नवीन शैक्षणिक आयाम गढने को कहा।
सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर देते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजें। उन्होंने ‘निपुण भारत’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु शिक्षकों का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने अपने संबोधन में सभी शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का कुशल और ओजस्वी संचालन एसआरजी डॉ.ओमप्रकाश सिंह द्वारा किया गया,जिनकी साहित्यिक शैली और प्रेरक उद्धरणों ने कार्यक्रम में प्राण फूँक दिए।कार्यक्रम के अंत में सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी ने सभी अतिथियों,खंड शिक्षा अधिकारी द्वय डॉ प्रज्ञा सिंह एवं प्रमोद कुमार गुप्ता शिक्षकों,अभिभावकों और बच्चों का हृदय से आभार प्रकट किया। सामूहिक राष्ट्रगान के साथ इस गरिमामयी समारोह का समापन हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) धर्मनाथ,सामुदायिक सहभागिता अवधेश कुमार,बालिका शिक्षा योगेश,डी सी एम आई एस वरुण,लिपिक अनिल मिश्रा,गौरव,सुरेश कुशवाहा,दिलीप तिवारी,रंगोली और स्टॉल पर रुपाली, वंदना,अंजलि मिश्रा,तपस्या भारती,वनीता,अतुल प्रजापति,आराधना मिश्रा,व्योमेश,नरेंद्र, रामविशाल,मनदीप,चंद्रबली,कृष्ण प्रकाश आदि सभी एआरपी (ARP) गणों का विशेष और सक्रिय योगदान रहा।








