कौशाम्बी: डीएम की बड़ी कार्रवाई,75 बीघा ककरोली भूमि से 115 खातेदारों के नाम किए निरस्त,
यूपी के कौशाम्बी डीएम डॉ. अमित पाल ने तहसील चायल की ग्रामसभा-बरौलहा की सुरक्षित श्रेणी की ककरोली भूमि पर कई वर्षा से विधिविरूद्ध दर्ज खातेदारों का नाम निरस्त कर दिया है।
बताया जा रहा आगे कि गांव की 75 बीघा भूमि पर खातेदारों का नाम 45 वर्षाें से गैर कानूनी ढंग से दर्ज चला आ रहा था। जमींदारी उन्मूलन सन् 1952 से चकबन्दी तक कुल 23 गाटा, क्षेत्रफल 121 बीघा 14 विस्वा ककरोली खाता की भूमि दर्ज रही। विधि के अनुसार ककरोली भूमि सार्वजनिक उपयोगिता की सुरक्षित भूमि मानी गई है। ऐसी प्रकृति की भूमि धारा 77 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता से आच्छादित भूमि है, जिसे पट्टा नही दिया जा सकता है। किन्तु वर्ष 2006, तथा 2016 में तत्कालीन भूमि प्रबन्धक समिति द्वारा प्रस्ताव पारित कर पट्टा स्वीकृत कराया गया था। ककरोली खाते की भूमि में से करीब 75 बीघा भूमि पर नाम दर्ज कराने में खातेदार सफल रहे ।
एसडीएम चायल प्रेरणा गौतम ने ऐसी दर्ज प्रविष्टियों को निरस्त करने के लिए स्वप्रेरणा आख्या दी है। डीएम द्वारा सम्बन्धित पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर 115 दर्ज खातेदारों का नाम निरस्त कर भूमि को पुनः ग्रामसभा के खाते की ककरोली भूमि दर्ज करने का आवेदन दिया गया है। इसके पूर्व भी इसी ग्राम की ककरोली भूमि लगभग 20 बीघा का नाम निरस्त कर ग्रामसभा में दर्ज कराया गया था।
बरौलहा गांव की ककरोली भूमि पर दूसरे गांव सिकन्दरपुर बजहा, इमली गांव, बुआराम का पूरा, भगवतपुर आदि के काश्तकार भी फर्जी ढंग से भूमि में नाम दर्ज कराएं है। इसी भूमि पर जनता जूनियर हाई स्कूल बरौलहा, के0पी0 डिग्री कालेज का भी नाम दर्ज है, जिसमें विद्यालय संचालित बताया गया है। सार्वजनिक उपयोगिता की सुरक्षित भूमि पर किसी भी व्यक्ति को स्वत्व हासिल नही हो सकता है। ऐसी भूमियों को चिन्हित कराकर अभिलेख दुरूस्त किए जाएंगे।
डीएम ने अपने निर्णय की प्रति निदेशक, उच्च शिक्षा, उत्तर प्रदेश एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जनता जूनियर हाई स्कूल की मान्यता के सम्बन्ध में नियमानुसार विचार करने के लिए प्रेषित की गई है।








