कौशाम्बी: मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए 15 नए सीनियर रेजिडेंट्स ने संभाला कार्यभार,
यूपी के कौशाम्बी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। महाविद्यालय के ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स, जनरल सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग (ओबीजी), सामुदायिक चिकित्सा, ईएनटी, एनेस्थीसिया, डर्मेटोलॉजी (त्वचा एवं यौन रोग) तथा पैथोलॉजी विभागों में नियुक्त 15 नए सीनियर रेजिडेंट्स ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इनके कार्यभार ग्रहण करने से जनपद कौशाम्बी एवं आसपास के जनपदों से आने वाले मरीजों को अधिक व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ मिलेगा।
नव नियुक्त सीनियर रेजिडेंट्स के जुड़ने से महाविद्यालय की ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन सेवाओं, शल्य चिकित्सा सेवाओं तथा विभिन्न विभागों की चिकित्सकीय कार्यप्रणाली को नई मजबूती मिली है। इनकी नियुक्ति से विशेषज्ञ चिकित्सकों के मार्गदर्शन में मरीजों की जांच, उपचार, फॉलो-अप एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और अधिक प्रभावी एवं सुचारु रूप से संचालित की जा सकेंगी। ऑर्थोपेडिक्स विभाग में हड्डी एवं जोड़ संबंधी रोगों के उपचार को अतिरिक्त सहयोग मिलेगा, वहीं पीडियाट्रिक्स विभाग में नवजात एवं बच्चों की चिकित्सा सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। जनरल सर्जरी विभाग में शल्य चिकित्सा सेवाओं के संचालन में दक्षता बढ़ेगी तथा प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में महिलाओं को समयबद्ध एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
ईएनटी विभाग में कान, नाक एवं गला संबंधी रोगों के उपचार में सुविधा बढ़ेगी तथा एनेस्थीसिया विभाग में ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। इसी प्रकार डर्मेटोलॉजी विभाग में त्वचा एवं यौन रोगों के मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध होगा, जबकि पैथोलॉजी विभाग में जांच संबंधी कार्यों की गुणवत्ता एवं दक्षता में वृद्धि होगी। सामुदायिक चिकित्सा विभाग में सीनियर रेजिडेंट्स की उपलब्धता से जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों, स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) हरिओम कुमार सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि 15 नए सीनियर रेजिडेंट्स के कार्यभार ग्रहण करने से विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा मरीजों को अधिक व्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।उन्होंने यह भी कहा कि सीनियर रेजिडेंट्स चिकित्सा सेवा के साथ-साथ एमबीबीएस विद्यार्थियों की क्लिनिकल शिक्षा एवं प्रशिक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके जुड़ने से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों के निर्देशन में बेहतर अकादमिक वातावरण एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिससे चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और अधिक सुदृढ़ होगी।
उन्होंने कहा कम महाविद्यालय निरंतर चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं जनस्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में कार्य कर रहा है। नए सीनियर रेजिडेंट्स के आगमन से संस्थान की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी तथा जनपद कौशाम्बी एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को अपने ही जनपद में बेहतर एवं उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इससे उच्च स्तरीय उपचार के लिए अन्य जनपदों अथवा महानगरों पर निर्भरता भी कम होगी।








