कौशाम्बी: वैवाहिक विवादों में मुकदमे से पहले सुलह समझौता विषय पर साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन,
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कौशाम्बी की पूर्व अनुमति से एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव के आदेश अनुसार तहसील परिसर सिराथू में वैवाहिक विवादों में मुकदमे से पहले सुलह समझौता विषय पर साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव आस्था मिश्रा ने कहा कि जो भी घरेलू पति पत्नी विवाद के मुकदमे हैं उनको मध्यस्थता के माध्यम से सुलह समझौता के माध्यम से निपटारा कराया जा सकता है, जिसके लिए आपको जिला विधिक सेवा प्राधिकार जनपद न्यायालय के कार्यालय में अपनी बात रख सकते है,इससे आपके समय की भी बचत होगी और कोर्ट के चक्कर भी नहीं काटने होंगे, साथ ही किसी भी विधिक सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पराविधिक स्वयंसेवकों से मिलकर भी मदद ली जा सकती है।
एसडीएम सिराथू योगेश गौड़ ने कहा कि पारिवारिक विवादों के निपटारे का सबसे अच्छा माध्यम मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से सुलह समझौता करा कर किया जा सकता है,जिसमें ना तो आपको किसी वकील को कोई फीस की जरूरत है ना ही किसी प्रकार के कागजात की आसानी से आप अपने मामले का निदान कर सकते हैं।
जिला प्रोबेशन कार्यालय से पूनम पाल एवं जेंडर स्पेशलिस्ट अंजू द्विवेदी ने जिला प्रोबेशन कार्यालय द्वारा चलाया जा रहे विभिन्न योजनाओं जैसे कन्या सुमंगला योजना, बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान योजना के बारे में लोगों को जानकारी दी एवं बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के तहत गरीब परिवार के लाभार्थियों को पहले की अपेक्षा अब एक लाख रुपए की एकमुश्त धनराशि विवाह हेतु मुहैया कराई जा रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आस्था मिश्रा, एसडीएम योगेश कुमार गौड़, तहसीलदार विनय कुमार, डीपीओ ऑफिस से पूनम पाल,जेंडर स्पेशलिस्ट अंजू द्विवेदी, पैनल अधिवक्ता अतुल कुमार श्रीवास्तव एवं पीएलवी ज्योत्सना सोनकर,सतीश सिंह के साथ सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।








