राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) ने प्रदेश सरकार के “नव निर्माण के नौ वर्ष” पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रेस वार्ता कर गिनाए नौ वर्षों में प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास के कार्य

कौशाम्बी: राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) ने प्रदेश सरकार के “नव निर्माण के नौ वर्ष” पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रेस वार्ता कर गिनाए नौ वर्षों में प्रदेश में हुए अभूतपूर्व विकास के कार्य,

यूपी के कौशाम्बी पहुंचे उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात दिनेश प्रताप सिंह ने मां शीतला देवी अतिथि गृह, सयारा में प्रदेश सरकार के “नव निर्माण के नौ वर्ष” पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए कहा कि इन नौ वर्षों में प्रदेश में अभूतपूर्व विकास के कार्य हुए हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था चुस्त-दुरूस्त हुई है। सड़क, जल एवं नल से लेकर सभी क्षेत्रों में विकास के अनेक कार्य हुए हैं।

राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) ने कहा कि अपराध तथा अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति प्रभावी रूप से लागू है। 07 बड़े महानगरों में पुलिस कमिश्नरेट की स्थापना के उपरांत पुलिसिंग, जनसमस्याओं के निस्तारण व अपराध नियंत्रण में गुणात्मक सुधार हुआ है। वर्ष 2017 से अब तक एक भी सांप्रदायिक दंगा या जातिगत संघर्ष की घटना नहीं हुई। दुर्दात अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही में अब तक 267 अपराधी मुठभेड़ में मारे गये एवं 10,990 घायल। 22.306 इनामी अपराधियों को जेल भेजा गया। 85,118 अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम तथा 977 अपराधियों के विरुद्ध एन.एस.ए. की कार्यवाही की गई। गैंगस्टर अधिनियम के अन्तर्गत मार्च, 2017 से दिसंबर 2025 तक ₹14,580 करोड़ से अधिक लागत मूल्य की चल/अचल अवैध सम्पत्तियों का जब्तीकरण किया गया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आत्महत्या किये जाने से सम्बन्धित पोस्ट का संज्ञान लेकर जनवरी, 2023 से दिसंबर, 2025 तक कुल 1,769 व्यक्तियों के जीवन की रक्षा की गई। चिन्हित माफिया गैंग के विरुद्ध प्रभावी पैरवी करते हुए 35 माफिया, 94 सह अपराधियों को अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा दिलायी गई है। 02 को मृत्युदंड की सजा दिलायी गयी है। वर्ष 2016 की तुलना में अपराधों में प्रतिवर्ष उल्लेखनीय कमी आयी है। डकैती में 90 प्रतिशत, लूट में 85 प्रतिशत, हत्या में 47 प्रतिशत, बलवा की घटनाओं में 70 प्रतिशत, फिरौती के लिये अपहरण की घटनाओं में 62 प्रतिशत, दहेज हत्या में 19 प्रतिशत, बलात्कार की घटनाओं में 53 प्रतिशत। प्रदेश में 134 नये थाने, 86 नई पुलिस चौकी, 78 महिला पुलिस चौकी परामर्श केन्द्र, 75 विद्युत निरोधक पुलिस थाना, 10 सतर्कता अधिष्ठान थाना, 04 आर्थिक अपराध इकाई थाने, 73 साइबर क्राइम थाने व 06 नये नारकोटिक्स थानों की स्थापना की गई। वर्ष 2016 की तुलना में वर्ष 2025 में अभूतपूर्व सुधार करते हुए यूपी-112 का रिस्पांस टाइम एक घंटा 05 मिनट से घटाकर 06 मिनट 41 सेकेंड किया गया।

राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र की स्थापना हुआ है। मिशन शक्ति केन्द्र के कार्य के लिए 40,000 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। महिला एवं बाल अपराधों के निस्तारण में 98.90 प्रतिशत के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम रहा। 19,839 महिला पुलिस कर्मियों को नियुक्त करते हुए 9,172 महिला बीटों का आवंटन किया गया। वीमेन पावर लाइन 1090, जी.आर.पी. फायर, महिला हेल्प लाइन 181 सेवा का एकीकरण। प्रत्येक जिले में एण्टी रोमियो स्क्वायड का गठन। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन 1090 का गठन। प्रत्येक जनपद में महिला थाना के अतिरिक्त एक अन्य थाने में महिला थानाध्यक्ष की तैनाती। तीन महिला पी.ए.सी. बटालियन का गठन तथा बलरामपुर, जालौन, मीरजापुर, शामली, बिजनौर में नई बटालियनों के गठन की प्रक्रिया गतिमान है। 2017 में 4 से बढ़कर वर्तमान में कुल 12 विधि विज्ञान प्रयोगशाला क्रियाशीला 6 नयी विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना का कार्य जारी। प्रत्येक मण्डल में एक विधि विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित करने का लक्ष्य। लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इन्स्टीट्यूट ऑफ फॉरेसिंक साइंस स्थापित। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन 2025 (पुलिस मंथन) में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा यक्ष एप का लोकार्पण किया गया। यक्ष एप एडवांस्ड आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस तथा व्यापक आंकड़ा विश्लेषण की सहायता से तैयार किया गया, जो बीट बुक का डिजिटल स्वरूप है। वर्ष 2017 (अप्रैल) से अब तक आरक्षी एवं समकक्ष, उपनिरीक्षक एवं समकक्ष तथा लिपिक संवर्ग के विभिन्न पदों पर कुल 2,19,199 भर्ती की गयी। होमगार्ड्स के रिक्त 41,424 पदों के सापेक्ष एनरोल्मेन्ट की कार्यवाही प्रचलित। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिश पद आरक्षित। वर्तमान में 44,000 से अधिक महिलाएं उत्तर प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा है। वर्तमान में 60 हजार से उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता में वर्ष 2017 के सापेक्ष 10 गुना वृद्धि हुई है। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने क्रियाशील। सभी जनपदीय थानों में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई। एकीकृत न्यायालय परिसर निर्माण परियोजना के तहत 10 जनपदों में स्वीकृति। 6 जनपदों चन्दौली, महोबा, अमेठी, हाथरस, शामली एवं औरैया में निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन। प्रयागराज में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों का व्यापक विकास किया गया है। वर्ष 2025 में प्रदेश में 1 अरब 56 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जिससे उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटक आगमन में देश में प्रथम स्थान पर रहा। अयोध्या दीपोत्सव में 26 लाख से अधिक दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर और अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण ने प्रदेश को वैश्विक धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाया है। उन्होंने कहा कि विगत 9 वर्षों में प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। 1.10 करोड़ रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारी गई और लगभग 60 लाख रोजगार अवसर सृजित हुए। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत 197 एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में जहां केवल 2 एक्सप्रेसवे थे, वहीं अब प्रदेश में 22 एक्सप्रेसवे (07 संचालित, 05 निर्माणाधीन और 10 प्रस्तावित)। देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। वाराणसी में देश का पहला मल्टी-मॉडल टर्मिनल स्थापित किया गया है। प्रदेश में जल, थल और रेल कनेक्टिविटी को नई गति मिली है। वर्ष 2017 में सरकार के गठन के बाद किसानों की ऋणमाफी का ऐतिहासिक निर्णय, 86 लाख से अधिक लघु एवं सीमान्त किसान लाभान्वित। अप्रैल 2017 से फरवरी 2025 तक गन्ना किसानों को 3,12,928 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया गया। उन्हांने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। समूह “ख” (अराजपत्रित) एवं समूह “ग” पदों की सीधी भर्ती में साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त की गई।

09 वर्षों में जनपद कौशाम्बी में विकास के अनेक कार्य हुए,जनपद का हुआ सर्वांगीण विकास,

राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश के साथ ही जनपद कौशाम्बी में भी विकास के अनेक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि रू0-303.63 करोड़ की लागत से स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण कार्य। रू0-464.97 करोड़ की लागत से कौशाम्बी पर्यटन स्थल को जनपद प्रयागराज मुख्यालय वाया एयरपोर्ट से फोरलेन जोड़ने का कार्य प्रगति पर। रू0-2298.39 करोड़ की लागत से रामवन गमन मार्ग का निर्माण कार्य प्रगति पर। रू0-8.96 करोड़ की लागत से ड्रग वेयर हाउस का निर्माण कार्य। रू0 14.81 करोड़ की लागत से पुलिस लाइन में एक अदद् ट्रांजिट हास्टल का निर्माण कार्य। रू0 5.58 करोड़ की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र करारी का निर्माण कार्य। रू0 4.30 करोड़ की लागत से ग्राम तिलगोड़ी में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य। रू0-7.67 करोड़ की लागत से राजकीय महाविद्यालय सिराथू का निर्माण कार्य। रू0 2.42 करोड़ की लागत से नरसिंहपुर कछुआ ट्रामा सेन्टर भवन का निर्माण कार्य। रू0 30.33 करोड़ की लागत से पूरब-पश्चिम शरीरा पेयजल आपूर्ति परियोजना का कार्य प्रगति पर है। रू0 22.47 करोड़ की लागत से दारा नगर पेयजल आपूर्ति परियोजना का कार्य प्रगति पर है। रू0 7.37 करोड़ की लागत से चायल पेयजल आपूर्ति परियोजना का कार्य प्रगति पर है। रू0 14.53 करोड़ की लागत से मंझनपुर में अग्निशमन केन्द्र के आवासीय एवं अनावासीय भवनां का निर्माण कार्य। रू0 3.52 करोड़ की लागत से इण्डो इजराइल सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर फ्रूट्स, कोखराज का निर्माण। रू0 6.11 करोड़ की लागत से पुरखास के केवट का पुरवा संपर्क मार्ग निर्माणाधीन। रू0 12.93 करोड़ की लागत से खूजा अफजलपुरवारी से बम्बूपुर वाया उदहिन बुजुर्ग सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य। रू0 7.81 करोड़ की लागत से कल्याणपुर निधियावां भदवां मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर।रू0 8.47 करोड़ की लागत से नौढ़िया व टीकरडीह होते हुए भरवारी मार्ग का चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण कार्य। रू0 2293.91 लाख की लागत से बौद्ध थीम पार्क निर्माणाधीन एवं रू0 2394.85 की लागत से ग्राम कोसम इनाम में गेट कम्पलेक्स निर्माणाधीन। जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत 626 ग्रामों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध करान के लिए 275 नग पेयजल योजनाएॅ स्वीकृत हैं, जिनकी लागत रू0 107441.52 लाख हैं, कार्य प्रगति पर है। विगत 09 वर्षों में दिव्यांग पेंशन योजना से 12146 दिव्यांगजनों को पेंशन की धनराशि 1952.44 करोड़ रूपये से लाभान्वित किया गया। विगत 09 वर्षों में कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजनान्तर्गत 1582 दिव्यांगजनों को रू0 118.493 करोड़ की लागत से उपकरण उपलब्ध कराए गए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत कुल 254881 कृषकों को रू0 789.98 करोड़ का भुगतान किया गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत 46347 कृषकों को बीमा का लाभ प्रदान कर रू0 117.32 लाख का फसल क्षतिपूर्ति प्रदान किया गया। विगत 09 वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत 37173 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। इसी प्रकार मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत 6634 एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत 20237 लाभार्थियों को लाभान्वित किया करने के साथ ही अनेक विकास कार्य किए गए तथा पात्र लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor