कौशाम्बी: भवंस मेहता महाविद्यालय में विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026 का हुआ आयोजन,युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका के प्रति किया गया जागरूक,
यूपी के कौशाम्बी जिले के भवंस मेहता महाविद्यालय, भरवारी में शनिवार को 2026 को “विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026” का भव्य आयोजन अत्यंत उत्साह, अनुशासन और बौद्धिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम केवल एक प्रतियोगिता भर नहीं था, बल्कि युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका के प्रति जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुआ। महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने विचारों के माध्यम से समसामयिक विषयों पर गहन चिंतन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में महामाया गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, ओसा के प्राचार्य प्रोफेसर शैलेंद्र तिवारी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में युवाओं को देश के भविष्य का आधार बताते हुए कहा कि “युवा केवल कल के नागरिक नहीं हैं, बल्कि आज के भी सक्रिय निर्माता हैं।” उन्होंने विकसित भारत की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भागीदारी, उनके विचार और उनकी ऊर्जा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को संसदीय परंपराओं का सम्मान करने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि के रूप में NSS क्षेत्रीय निदेशालय लखनऊ से आए रोशन सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे छात्र छात्राओं को राजनीति के क्षेत्र एम् लाना है जिनका कोई राजनीतिक बैकग्राउंड न हो,ऐसे छात्र छात्रा जिनके माता,पिता,भाई,बहन,रिश्तेदार किसी भी प्रकार की राजनीति में सहभाग न कर रहे हो उन्हें राजनीति की तरफ आकर्षित करना और उन्हें इस सक्रिय युवा राजनीति में सहभाग करने के लिए प्रेरित करना है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में ज्यूरी सदस्य के रूप में प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया।ज्यूरी सदस्यों में प्रोफेसर सुशील श्रीवास्तव, प्रोफेसर सतीश चंद्र तिवारी, डॉ. एस. एन. मिश्रा, डॉ. पवन कुमार यादव तथा कौशल शामिल रहीं। सभी ज्यूरी सदस्यों ने प्रतिभागियों के विचार, प्रस्तुति शैली, विषय की समझ, तार्किकता और प्रभावशीलता के आधार पर उनका मूल्यांकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच युवाओं में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन जनपद के विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026 के नोडल अधिकारी डॉ. मोहम्मद आदिल द्वारा अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया गया। उनके कुशल संचालन ने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और रोचक बनाए रखा। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए समय-समय पर कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य को भी स्पष्ट किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रबोध श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के अंत में परिणामों की घोषणा करते हुए विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “यूथ पार्लियामेंट जैसे आयोजन छात्रों को केवल बोलने का मंच ही नहीं देते, बल्कि उन्हें सोचने, समझने और जिम्मेदारी से अपनी बात रखने की कला भी सिखाते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विचारों पर विस्तृत फीडबैक भी दिया और उनके तर्कों, भाषा-शैली तथा प्रस्तुति में सुधार के सुझाव दिए।
इस वर्ष यूथ पार्लियामेंट में भाषण का मुख्य विषय “आपातकाल के 50 वर्ष” रखा गया, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील अध्याय है। इस विषय पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से विचार व्यक्त किए। उन्होंने 1975 में लगाए गए आपातकाल की परिस्थितियों, उसके प्रभावों, लोकतांत्रिक मूल्यों पर पड़े असर तथा उससे मिलने वाले सबक पर गंभीर चर्चा की। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि किस प्रकार उस दौर ने भारतीय राजनीति, मीडिया, न्यायपालिका और नागरिक स्वतंत्रताओं को प्रभावित किया।
प्रतियोगिता में शिवशंकर सिंह ने अपने प्रभावशाली भाषण, स्पष्ट विचार और सशक्त प्रस्तुति के दम पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनके भाषण में ऐतिहासिक तथ्यों के साथ-साथ समसामयिक संदर्भों का भी उत्कृष्ट समावेश था, जिसने श्रोताओं और निर्णायकों दोनों को प्रभावित किया। द्वितीय स्थान पर वैष्णवी विश्वकर्मा रहीं, जिन्होंने अपने संतुलित दृष्टिकोण और प्रभावी अभिव्यक्ति से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
तीसरे स्थान पर मोषिता, चौथे स्थान पर यवन कुमार और पांचवें स्थान पर निशि रहीं। इन सभी प्रतिभागियों ने भी अपने विचारों को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया और प्रतियोगिता को रोचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक बनाया। सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र और सम्मान देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि शीर्ष पांच प्रतिभागियों को आगामी चरण में लखनऊ स्थित विधान सभा में आयोजित होने वाले यूथ पार्लियामेंट में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यह अवसर न केवल उनके लिए सम्मान की बात है, बल्कि उनके व्यक्तित्व और करियर के विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
इस आयोजन में महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया। पूरे परिसर में उत्साह और ऊर्जा का वातावरण बना रहा, जिससे यह कार्यक्रम एक यादगार अनुभव बन गया।
“विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026” का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा मंच साबित हुआ, जहां उन्होंने न केवल अपनी वक्तृत्व कला का प्रदर्शन किया, बल्कि देश, समाज और लोकतंत्र के प्रति अपनी समझ और जिम्मेदारी को भी व्यक्त किया। इस प्रकार के आयोजन निश्चित रूप से युवाओं को जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि भवंस मेहता महाविद्यालय, भरवारी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा और इसने विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्र निर्माण के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। यह आयोजन भविष्य में भी इसी प्रकार से छात्रों को प्रेरित करता रहेगा और उन्हें एक सशक्त, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करता रहेगा।








