प्रयागराज: कनकधारा द्वारा आयोजित पंच शनिवारीय सुंदरकांड पाठ की पूर्णाहुति पर विश्व शांति की कामना,27 वर्ष बाद बने दुर्लभ संयोग में लगा 51 किलो बूंदी का भोग,आयोजित हुआ विशाल भंडारा,
यूपी के प्रयागराज में सनातन संस्कृति और विश्व शांति के संकल्प के साथ “कनकधारा परिवार” द्वारा आयोजित पंच शनिवारीय सुंदरकांड पाठ की पूर्णाहुति का भव्य आयोजन आज सकुशल संपन्न हो गया। यह आयोजन 27 वर्षों बाद ज्येष्ठ पुरुषोत्तम मास की मासिक शिवरात्रि पर बनने वाले दुर्लभ और अत्यंत फलदायी संयोग के पावन अवसर पर किया गया। शनिवार शाम 5 बजे से सिविल लाइंस स्थित श्री हनुमत निकेतन में सामूहिक सुंदरकांड पाठ, हनुमान जी महाराज का मनमोहक श्रृंगार, 51 किलो बूंदी का महाभोग एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य पाठ वाचक आचार्य पं. हरे राम द्विवेदी रहे।
विगत 4 शनिवारों से संस्था द्वारा पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ इस पाठ का आयोजन किया जा रहा था, जिसका आज आखिरी शनिवार को सामूहिक सुंदरकांड और विशेष बजरंग बाण के पाठ के साथ समापन हुआ। वर्तमान समय में पूरे विश्व में लड़ाई-झगड़े और युद्ध का माहौल बना हुआ है, जिसके कारण हर जगह अशांति फैली है और देश एक-दूसरे से लड़ रहे हैं। वैश्विक स्तर पर चल रहे इस तनाव का असर हमारे देश भारत पर भी पड़ रहा है, जिससे आम भारतवासियों को भी काफी दिक्कतों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी वैश्विक संकट को देखते हुए कनकधारा संस्था ने प्रभु हनुमान जी की शरण लेने का संकल्प किया था।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुंदरकांड का पाठ करने से संकटमोचन हनुमान जी जीवन की सभी परेशानियों और बाधाओं को दूर करते हैं, वहीं बजरंग बाण के नियमित पाठ से शत्रुओं और नकारात्मक शक्तियों का विनाश होता है। इसी भावना के साथ कनकधारा संस्था द्वारा आज सामूहिक रूप से हनुमान जी से यह विशेष प्रार्थना की गई कि जो भी भारत के दुश्मन हैं या भारत का अहित चाहने वाले दुश्मन देश हैं, भगवान बजरंग बली अपनी अलौकिक शक्ति से उनका विनाश करें।
कनकधारा की अध्यक्ष एवं गायिका स्वाती निरखी ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना को मजबूत करना है। सुंदरकांड और बजरंग बाण के पाठ के माध्यम से न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में हर एक घर में शांति, सद्भाव, चैन, सुकून और भाईचारा स्थापित करने की प्रार्थना की गई है। संस्था का मुख्य ध्येय यही है कि हमारा देश भारत हर मोर्चे पर सुरक्षित रहे, अजेय विजय प्राप्त करे और पुनः ‘विश्व गुरु’ के पद पर आसीन होकर पूरे संसार का मार्गदर्शन व कल्याण करे।
इस भव्य आयोजन में शहर के कई गणमान्य और प्रबुद्ध जन शामिल रहे। कार्यक्रम में कनकधारा परिवार के साथ-साथ रोटरी प्रयागराज संगम, श्री शुद्ध मसाले और डॉ. बी.के. कश्यप सहित कई संस्थाएं सह-आयोजक के रूप में सहयोगी रहीं। सामूहिक पाठ और अनुष्ठान के बाद भगवान को 51 किलो बूंदी का प्रसाद अर्पित कर वितरित किया गया, जिसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। कनकधारा परिवार के सभी पदाधिकारियों, संरक्षक मंडल एवं सिविल लाइंस उद्योग व्यापार मंडल ने इस पुण्य अवसर पर सहभागिता करने वाले सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया और देश की समृद्धि व वैश्विक शांति की कामना की।








