कौशाम्बी: कौशाम्बी में राष्ट्रीय लोक अदालत में 33,288 मामलों का निस्तारण,करीब 6 करोड़ रुपये की हुई वसूली,
यूपी के कौशाम्बी जनपद न्यायालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशाम्बी के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जनपद न्यायाधीश बृज विशाल पाण्डेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रिया सिंह ने किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारी, बैंक अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य, पैरालीगल वालंटियर तथा आमजन मौजूद रहे। इस दौरान जिला कारागार में निर्मित उत्पादों के साथ किशोरों, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए स्टॉल लगाए गए। चिकित्सा विभाग की ओर से नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जिसका न्यायिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों एवं विभागों द्वारा बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। जिला न्यायाधीश की अदालत में 4 वाद, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 46 वादों का निस्तारण कर 2 करोड़ 35 लाख 90 हजार रुपये प्रतिकर दिलाया गया। परिवार न्यायालय में 29 पारिवारिक मामलों का निस्तारण हुआ।
वहीं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 2,810 वाद, विद्युत अधिनियम के 207 वाद, अपर सिविल जज की अदालत में 223 वाद, सिविल जज/त्वरित न्यायालय में 245 वाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 401 वाद तथा ग्राम न्यायालय चायल द्वारा 203 वादों का निस्तारण किया गया।
जिले के विभिन्न राजस्व न्यायालयों द्वारा सर्वाधिक 27,411 वादों का निस्तारण किया गया। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने 520 मामलों का निस्तारण कर 23 लाख 55 हजार 383 रुपये जमा कराए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा 3 मामलों का निस्तारण कर 66,055 रुपये जमा कराए गए।
इसके अलावा जिले के विभिन्न बैंकों द्वारा ऋण वसूली से संबंधित 584 वादों का निस्तारण कर 2 करोड़ 24 लाख 51 हजार 20 रुपये जमा कराए गए। स्थायी लोक अदालत में भी सुलह-समझौते के आधार पर दो मामलों का निस्तारण किया गया।
इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 33,288 वादों का निस्तारण हुआ और कुल 5 करोड़ 99 लाख 88 हजार 821 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रिया सिंह ने सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।








