लंबित मांगों को लेकर लेखपालों में आक्रोश,अतिरिक्त हल्कों का बहिष्कार जारी,सौंपा ज्ञापन

कौशाम्बी: लंबित मांगों को लेकर लेखपालों में आक्रोश,अतिरिक्त हल्कों का बहिष्कार जारी,सौंपा ज्ञापन,

यूपी में उत्तर प्रदेश लेखपाल संवर्ग की लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर लेखपालों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लेखपालों का कहना है कि वे पिछले करीब 10 वर्षों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन राजस्व परिषद और शासन स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

लेखपाल संवर्ग की ओर से मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 14 सितंबर 2026 को मांगों के संबंध में ज्ञापन दिए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके विरोध में प्रदेश के समस्त लेखपालों ने 22 सितंबर 2026 से अतिरिक्त हल्कों का बहिष्कार शुरू किया है।

लेखपालों ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों पर शासन और राजस्व परिषद का ध्यान नहीं दिए जाने से संवर्ग में भारी निराशा और आक्रोश व्याप्त है। संगठन का कहना है कि उनका विरोध राजस्व परिषद और शासन की कार्यप्रणाली को लेकर है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पिछले 10 वर्षों से लेखपालों के प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड-पे की मांग और वेतन विसंगति का समाधान लंबित है। इसके अलावा पिछले आठ वर्षों से लेखपालों का अंतरमंडलीय स्थानांतरण नहीं हुआ है। लेखपालों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों से पदोन्नति सूची भी जारी नहीं की गई है।

डीएम के नाम एडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रान्तीय कार्यकारिणी के पत्र संख्या 101/ महामंत्री 29. 09.2026 के आन्दोलन कार्यक्रम 03.10.2026 व 08.10.20206 व 10.10.2026 व 14.10.2026 व 17.10.2026 से 23.10.2026 व 24.10.2026 से अनिश्चित कालीन समय तक का आन्दोलन कार्यक्रम प्रान्तीय कार्यकारिणी द्वारा घोषित किया गया है।

लेखपालों ने पिछले 16 वर्षों से भत्ता बढ़ोतरी नहीं होने का भी मुद्दा उठाया है। लेखपाल संवर्ग ने शासन से सभी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द प्रभावी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

 

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor