कौशाम्बी: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की विधिक सहायता से छह अभियुक्त दोषमुक्त,मुकदमा दर्ज होने के बाद से जेल में निरुद्ध थे अभियुक्त,
यूपी के कौशाम्बी जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई गई निःशुल्क विधिक सहायता के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कौशाम्बी के न्यायालय ने छह अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया है। मुकदमे में अभियुक्तों की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशाम्बी द्वारा नियुक्त चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अमित मिश्रा एडवोकेट ने पैरवी की।
प्राप्त विवरण के अनुसार, मुकदमा संख्या 4943/2025 राज्य बनाम हरिदास व अन्य, थाना कोखराज, जनपद कौशाम्बी से संबंधित था। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4) एवं 317(2) के अंतर्गत मुकदमा अपराध संख्या 218/2025 दर्ज किया गया था। मामले में वादी श्रीनाथ मौर्य थे तथा अभियुक्तों में हरिदास, अम्बिकादास, बालाप्रधान, ममुनीदास, रीनादास एवं राधादास शामिल थे।
अभिलेखों के अनुसार, घटना की तिथि 23 मई 2025 तथा प्राथमिकी दर्ज होने की तिथि 24 मई 2025 थी। आरोप-पत्र पर 22 जुलाई 2025 को संज्ञान लिया गया तथा 4 सितंबर 2025 को आरोप तय किए गए और साक्ष्य की कार्यवाही प्रारम्भ हुई। मामले में 17 अक्टूबर 2026 को बहस सुनी गई, 23 अक्टूबर 2026 को निर्णय सुरक्षित रखा गया तथा 26 अक्टूबर 2026 को निर्णय सुनाया गया। न्यायालय द्वारा सभी छह अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी अभियुक्त ओडिशा प्रदेश के अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित थे तथा उनमें एक अभियुक्त नाबालिग था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से अभियुक्त जेल में निरुद्ध थे। ऐसे में विधिक सहायता के माध्यम से उन्हें न्यायालय में अपना पक्ष रखने और प्रभावी प्रतिरक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला।
यह प्रकरण निःशुल्क विधिक सहायता की उपयोगिता तथा न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका को रेखांकित करता है। आर्थिक एवं सामाजिक रूप से वंचित व्यक्तियों को सक्षम विधिक सहायता उपलब्ध कराना विधिक सेवा संस्थाओं के महत्वपूर्ण उद्देश्यों में शामिल है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशाम्बी का उद्देश्य पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना तथा यह सुनिश्चित करने में सहयोग देना है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या अन्य असमर्थता के कारण न्याय प्राप्त करने के अवसर से वंचित न रहे।








