कौशाम्बी: मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग द्वारा क्लैमाइडिया विषय पर सेमीनार का आयोजन,
यूपी के कौशाम्बी जिले में बुधवार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग द्वारा क्लैमाइडिया विषय पर एक विस्तृत एवं जागरूकता- आधारित सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यौन जनित रोगों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा विशेष रूप से क्लैमाइडिया संक्रमण के बारे में गहन जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण के साथ हुआ। डॉ अरिंदम चक्रवर्ती ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान समय में युवाओं के बीच यौन स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर जागरूकता की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि जानकारी के अभाव में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
सेमिनार के दौरान एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के ज्ञानवेंद्र प्रसाद , हर्षिता सैनी, हिमांशी प्रजापति, ईशु मौर्य एवं जय श्री मिश्रा विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न उप-विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों में क्लैमाइडिया के कारण, संक्रमण के तरीके, लक्षण, संभावित जटिलताएं, जांच की विधियां तथा उपचार के आधुनिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने बताया कि क्लैमाइडिया एक सामान्य लेकिन अक्सर बिना लक्षण के रहने वाला संक्रमण है, जो समय पर पहचान न होने पर बांझपन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
प्रतिभागियों ने यह भी बताया कि यह संक्रमण मुख्यतः असुरक्षित यौन संबंधों के माध्यम से फैलता है, और इससे बचाव के लिए सुरक्षित यौन व्यवहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वयं उपचार करने से बचें।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य एवं उपस्थित संकाय सदस्यो ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सेमिनार न केवल विद्यार्थियों के ज्ञान को बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि यौन स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करना समय की आवश्यकता है, ताकि भ्रांतियों और झिझक को दूर किया जा सके।
सेमिनार के अंत में एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और उपस्थित जनों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं। विशेषज्ञों ने सरल और वैज्ञानिक तरीके से सभी प्रश्नों के उत्तर दिए, जिससे प्रतिभागियों को विषय की गहन समझ प्राप्त हुई।








