किसानों की समस्याओं को लेकर गरजे भाकियू के सैकड़ों कार्यकर्ता,कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन

कौशाम्बी: किसानों की समस्याओं को लेकर गरजे भाकियू के सैकड़ों कार्यकर्ता,कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन,

यूपी के कौशाम्बी जिले में भारतीय किसान यूनियन अम्बावता के जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पांडेय की अध्यक्षता में गुरुवार को मंझनपुर स्थित डायट मैदान में सैकड़ों किसानों की उपस्थिति में मासिक बैठक हुई। बैठक के बाद किसानों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम के नाम संबोधित पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एडीएम न्यायिक ओमप्रकाश को सौंपा। किसानों ने आरोप लगाया कि कई महीनों से समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

ज्ञापन में किसानों ने चायल स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में ट्रेजरी चालान जमा करने की सुविधा शुरू कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि चालान जमा करने के लिए लोगों को करीब 40 किलोमीटर दूर मंझनपुर आना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। किसानों ने नेवादा ब्लॉक के बड़ा पिपरहटा गांव में सरकारी नलकूप लगवाने की भी मांग की। संगठन के मुताबिक गांव में करीब 150 बीघा कृषि भूमि सिंचाई के अभाव में परती रह जाती है। दो वर्ष पहले सिंचाई विभाग ने नलकूप के लिए जमीन चिह्नित की थी और किसान ओमकार नाथ द्विवेदी ने अपनी भूमिधरी जमीन विभाग को हलफनामे के जरिए दान भी की थी। इसके बावजूद अब तक नलकूप का बोर नहीं कराया गया। किसानों ने क्रिटिकल एरिया का हवाला देकर नलकूप बोर को असंभव बताए जाने के बीच सरकारी मिनी बोर कराने की मांग उठाई। इसके अलावा बिदनपुर ककोढ़ा में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी से अब तक सप्लाई शुरू नहीं होने, इसी गांव में करीब दो वर्ष पहले गौशाला के लिए जमीन चिह्नित किए जाने के बावजूद निर्माण नहीं होने और चिल्ला सहबाजी गांव में कैथा तालाब तक जाने वाले खराब रास्ते पर इंटरलॉकिंग कराने की मांग की गई।

एडीएम न्यायिक ओमप्रकाश ने किसानों को उनकी समस्याओं की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

बैठक और ज्ञापन देने के दौरान जिला उपाध्यक्ष राम प्रकाश पाठक, जिला प्रवक्ता विनोद कुमार, जिला महासचिव रत्ना देवी, शिव शंकर पांडेय, प्रेम चन्द्र, शेर अली, मीना देवी, चन्द्र कली, सुषमा देवी समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor