कौशाम्बी: बाल संरक्षण, बाल हितैषी कानूनी सेवाएं,पॉश एक्ट, एसिड हमले के पीड़ितों के अधिकार एवं पोषण सप्ताह विषय पर जागरूकता एवं साक्षरता शिविर आयोजित,
यूपी के कौशाम्बी जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में बाल संरक्षण एवं बाल हितैषी कानूनी सेवाएं, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (पॉश एक्ट), एसिड हमले के पीड़ितों के अधिकार तथा पोषण सप्ताह के संबंध में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान मंझनपुर जनपद कौशाम्बी में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कौशाम्बी बद्री विशाल पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जनपद कौशाम्बी प्रिया सिंह ने बाल संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर बात करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है। बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, बाल शोषण एवं अन्य किसी भी प्रकार की हिंसा से बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों के संबंध में भी सभी आए हुए उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य/ संस्था प्रमुखों को विस्तार से बताया गया एवं इसकी रोकथाम हेतु अपने विद्यालयों में बच्चों को जागरूक करने के लिए कहा गया जिससे बच्चों को इसकी समझ होगी और वे इस तरह के कार्य करने से बचेंगे साथ ही पॉश एक्ट कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न(रोकथाम, निषेध,और निवारण) अधिनियम 2013 के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रत्येक महिला को सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल का अधिकार है। कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के लैंगिक उत्पीड़न की स्थिति में शिकायत एवं उपलब्ध कानूनी सहायता के संबंध में भी जानकारी दी गई।
चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अमित मिश्रा ने कहा कि पाक्सो एक्ट का पूरा नाम लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 है। यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण देना और उनके विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। बच्चों के साथ गलत तरीके से छूना, अश्लील हरकत करना, लैंगिक उत्पीड़न करना, अश्लील सामग्री दिखाना या बच्चे का अश्लील सामग्री में उपयोग करना गंभीर अपराध हो सकता है। ऐसे मामलों में कानून के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दें। बच्चों को यह समझाना चाहिए कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें गलत तरीके से छूता है, डराता है, धमकाता है या किसी गलत काम के लिए मजबूर करता है, तो वे चुप न रहें। उन्हें अपने माता-पिता, शिक्षक, अभिभावक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को तुरंत इसकी जानकारी देनी चाहिए।
बच्चों को यह भी समझना जरूरी है कि गलती उनकी नहीं होती। किसी अपराध की स्थिति में बच्चे को डरने या शर्मिंदा होने की आवश्यकता नहीं है। कानून बच्चे की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देता है।
पाक्सो एक्ट में बच्चों से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय की व्यवस्था है। साथ ही, बच्चे की पहचान को गोपनीय रखने तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक से अधिक बाल-मित्रवत बनाए रखने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
नायब तहसीलदार मंझनपुर श्याम नारायण तिवारी ने कहा कि एसिड अटैक एक गंभीर अपराध है तथा पीड़ितों को उपचार, पुनर्वास, मुआवजा एवं विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। पीड़ितों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता एवं निःशुल्क अधिवक्ता प्रदान किया जाता है।
पीएलवी ममता दिवाकर ने पोषण सप्ताह के अवसर पर उपस्थित लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण, स्वच्छता तथा कुपोषण से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि वे अपने परिवार में पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान दें तथा बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएं।
साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं एवं महिला एवं बाल कल्याण द्वारा संचालित योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, कन्या सुमंगला योजना, वृद्धा पेंशन एवं निराश्रित महिला पेंशन योजना दिव्यांग सहायता योजना एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्प लाइन 15100 टोल फ्री 18004190234 की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन पीएलवी अमरदीप दिवाकर एवं कृष्णा कपूर ने तथा धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य डायट निधि शुक्ला जी ने दिया।
इस अवसर पर एसीजेएम आस्था मिश्रा, राजीव प्रताप सिंह प्रतिनिधि बीएसए, अनूप कुमार गुप्ता सीनियर लेक्चरर एवं डायट प्रवक्ता डॉ देवेश सिंह यादव, डॉ. वंदना, डॉ.संदीप तिवारी, डॉ.प्रमोद सेठ, डॉ. दिनेश कुमार यादव, डॉ. नारेंद्र कुमार, डॉ. अनामिका सिंह, धीरज कुमार, सुरेश चंद्र मिश्र, शबीह मुस्तफा, शबनम सिद्दीकी एवं पीएलवी अमरदीप दिवाकर, कृष्णा कपूर, ममता दिवाकर, सहित बड़ी संख्या में डीएलएड प्रशिक्षु, उच्च प्रा. वि. एवं प्राथमिक वि. के प्रधानाचार्य एवं संस्था प्रमुख मौजूद रहे।








