कौशाम्बी में 18 जर्जर विद्यालयों के ध्वस्तीकरण में देरी पर डीएम नाराज,जल्द ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी करने के दिए निर्देश 

कौशाम्बी: कौशाम्बी में 18 जर्जर विद्यालयों के ध्वस्तीकरण में देरी पर डीएम नाराज,जल्द ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी करने के दिए निर्देश,

यूपी के कौशाम्बी में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक मंगलवार को उदयन सभागार में डीएम डॉ. अमित पाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति और विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को शैक्षिक गुणवत्ता में और सुधार लाने के साथ विद्यालयों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में डीएम ने जर्जर विद्यालयों एवं भवनों के ध्वस्तीकरण तथा नीलामी की प्रगति की जानकारी ली। अभी तक 18 विद्यालयों/भवनों में ध्वस्तीकरण अथवा नीलामी की कार्रवाई लंबित पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्रवाई को शीघ्र पूरा कराया जाए।

विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा के दौरान चायल, मूरतगंज और नेवादा विकासखंडों में छात्र उपस्थिति कम मिलने पर डीएम ने संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

डीएम ने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी और सभी खंड शिक्षाधिकारियों से कहा कि परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता के साथ सभी व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विद्यालयों में निपुण तालिका नियमित रूप से अपडेट रखने तथा बच्चों से कार्य पुस्तिका भरवाने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर दिया।

डीएम ने जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देश दिया कि सफाई कर्मियों के माध्यम से विद्यालयों में प्रतिदिन साफ-सफाई सुनिश्चित कराई जाए। वहीं जिन विद्यालयों में अभी विद्युत कनेक्शन नहीं हुए हैं, वहां जल्द कनेक्शन कराने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा अवशेष 24 विद्यालयों से हाईटेंशन तार शिफ्ट कराने की कार्रवाई एक सप्ताह के भीतर पूरी कराने के लिए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को अधीक्षण अभियंता विद्युत से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

बैठक में सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी सहित जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, खंड शिक्षाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor