कौशाम्बी में कलेक्ट्रेट परिसर में पीड़ित परिवार के आत्मदाह किए जाने की सूचना से हड़कंप,SDM सिराथू कार्यालय के कर्मचारी द्वारा प्रताड़ित करने का आरोप,पुलिस जांच में जुटी

कौशाम्बी: कौशाम्बी में कलेक्ट्रेट परिसर में पीड़ित परिवार के आत्मदाह किए जाने की सूचना से हड़कंप,SDM सिराथू कार्यालय के कर्मचारी द्वारा प्रताड़ित करने का आरोप,पुलिस जांच में जुटी,

यूपी के कौशाम्बी जिले में कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह किए जाने की सूचना से हड़कंप मच गया,मौके पर पहुंची पुलिस ने डीजल का गैलन कब्जे में लेकर पूछताछ की।

मामला सिराथू तहसील के सेहिया आमद गांव का है जहा के ओमप्रकाश पुत्र ललुवा ने जमीन धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम कौशाम्बी और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।पीड़ित का आरोप है कि उसके पिता ललुवा पुत्र शिवपतवा को कैंसर की बीमारी थी। इसी दौरान गांव के ही दिनई पुत्र विश्राम, जो तहसील सिराथू में कर्मचारी है, ने कहा कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पैसा दिला देंगे। इस बहाने वह उसके पिता को 23.05.2018 को तहसील सिराथू ले गया और वहां धोखे से उसकी जमीन अपने रिश्तेदार सरस्वती पत्नी छोटे लाल निवासी असकरनपुर मंगरोहनी के नाम पंजीकृत बैनामा करा लिया। इसी बीच उसके पिता की 20.06.2018 को मृत्यु हो गई।

वरासत कराने के लिए लेखपाल के पास जाने पर पता चला कि जमीन का बैनामा हो गया है। इसके बाद पीड़ित ने छोटे लाल, सरस्वती, बचान, सत्तू लाल व दिनई के विरुद्ध थाना मंझनपुर में मुकदमा दर्ज कराया।साथ ही सिविल न्यायालय में वाद ओमप्रकाश बनाम सरस्वती आदि बैनामा निरस्तीकरण वाद दायर किया, जिस पर न्यायालय ने विपक्षी के विरुद्ध नामांतरण न किए जाने हेतु स्थगन आदेश पारित किया है।

पीड़ित का आरोप है कि स्थगन आदेश के बावजूद विपक्षी व तहसील कर्मचारी दिनई व कर्मचारियों की मिलीभगत से 12.07.2025 को सरस्वती देवी के पक्ष में नामांतरण वाद का फैसला करा लिया गया, जो सरासर गलत है। प्रार्थना पत्र में पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि 23/10/2026 को एसडीएम के पेशकर धारा यादव ने तीन लाख रुपये लेकर फर्जी नामांतरण का आदेश करा दिया।

पीड़ित ने डीएम से कूटरचित ढंग से कराए गए नामांतरण वाद को निरस्त करने और एसडीएम सिराथू को निर्देशित करते हुए आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

 

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor