भवंस मेहता महाविद्यालय भरवारी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम संपन्न

कौशाम्बी: भवंस मेहता महाविद्यालय भरवारी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम संपन्न,

यूपी में कौशाम्बी जिले के भवंस मेहता महाविद्यालय भरवारी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के महामंत्री प्रो. प्रदीप कुमार सिंह उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या प्रतिभा कुशवाहा उपस्थित रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में महाविद्यालय की हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. सी.पी. श्रीवास्तव महाविद्यालय के गौरवमय इतिहास पर प्रकाश डालते हुए महाविद्यालय के विभिन्न गतिविधियों से छात्र-छात्राओं को अवगत कराया ।

उसके पश्चात महाविद्यालय के इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर मोहम्मद आदिल ने महाविद्यालय में चल रहे एन.सी.सी. , एन. एस. एस.और रोवर्स- रेंजर्स आदि गतिविधियों की जानकारी प्रदान की तथा समस्त शिक्षकों का संक्षिप्त परिचय प्रदान किया । महाविद्यालय के भौतिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो . पंकज कुमार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर स्थित व्याख्यान दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को नई शिक्षा नीति से अवगत कराते हुए विषय चयन, परीक्षा एवं रिजल्ट संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य महिला आयोग सदस्य प्रतिभा कुशवाहा, जो कि इस महाविद्यालय की पूर्व छात्रा भी रही है , ने महाविद्यालय के समस्त गुरुजनों को नमन करते हुए छात्र-छात्राओं को संबोधित किया और उन्होंने कहा कि संघर्ष से ही सफलता मिलती है। उन्होंने मिसाइल मैन और महान शिक्षाविद ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को याद करते हुए कहा कि युवाओं को सपने देखना चाहिए। सपने वें नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं बल्कि सपने वें है जो हमें सोने नहीं देते। अंत में इसके बाद उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से संकल्प लिया कि वे अपने माता-पिता गुरुजनों का सम्मान करते हुए महाविद्यालय में मनोयोग से शिक्षा ग्रहण करेंगे और अपने परिवार महाविद्यालय, जनपद, राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे । उन्होंने अपने उद्गार में यह भी कहा कि छात्र-छात्राओं को शिक्षा को अपना सबसे बड़ा गहना मानना चाहिए ।

इसके पश्चात संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रो. विमलेश कुमार सिंह यादव दीक्षा के अर्थ की व्याख्या की । उन्होंने कहा कि दीक्षा का अर्थ है अपना सब कुछ विद्या के लिए ज्ञान के लिए समर्पित करना। गुरु अपनी ज्ञान की मशाल से शिष्यों की अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है।

मुख्य अतिथि प्रो. प्रदीप कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में भवंस मेहता महाविद्यालय की गौरवशाली विरासत की चर्चा की । उन्होंने समस्त छात्र-छात्राओं को मनोयोग से शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने आज की दौड़ में जो कि निजीकरण का दौर है शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं वरन् एक सुयोग्य नागरिक बन देश के निर्माण में अपना योगदान देना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.प्रबोध श्रीवास्तव ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उनके अनुशासन प्रियता की सराहना की । उन्होंने ने कहा कि समस्त छात्र-छात्राएं महाविद्यालय यूनिफॉर्म को अवश्य पहनें। कक्षा में उनकी उपस्थिति अधिकाधिक हो। आंतरिक और बाह्य मूल्यांकन में सभी उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालय में मेंटर शिक्षक की व्यवस्था इस सत्र से लागू होगी । प्रत्येक छात्र किसी न किसी किसी मेंटर प्राध्यापक के संरक्षण में रहेगा। उन्हे कोई भी समस्या हो वह अपने मेंटर से मिले ।

इस कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र के अध्यापक डॉक्टर राहुल कुमार राय ने किया अंत में धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभक्ति श्रीवास्तव के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में समस्त एवं शिक्षा नीति पर कर्मचारी उपस्थित रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor