उत्तर प्रदेश,
भविष्य में निर्मित होने वाले भवनों में भी दिव्यांगजन की सुविधा का रखा जाये विशेष ध्यान :मुख्य सचिव,
न्यूज़ ऑफ इंडिया (एजेन्सी)
यूपी के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में शासकीय भवनों को दिव्यांगजन हितैषी व सुगम्य बनाये जाने के संबंध में बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि समस्त विभागों द्वारा अपने-अपने नियंत्रणाधीन भवनों को दिव्यांगजन हितैषी व सुगम्य बनाया जाये, साथ ही भविष्य में निर्मित होने वाले भवनों में भी दिव्यांगजन की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाये। सभी सरकारी भवनों में दिव्यांगजनों के लिए शौचालय की भी व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शासकीय भवनों में आवागमन में किसी भी प्रकार असुविधा नहीं होनी चाहिये। दिव्यांगजनों को सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, इसलिये उनकी सुविधा के लिए सरकारी भवनों में रैंप बनावाये जायें। लोक निर्माण विभाग के माध्यम से सभी निर्माण एजेंसियों को प्रशिक्षण दिलाकर सरकारी भवनों को दिव्यांगजन हितैषी व सुगम्य बनाने का कार्य प्राथमिकता पर पूर्ण कराया जाये।
बैठक में बताया गया कि अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत द्वारा 1, औद्योगिक विकास द्वारा 104, श्रम द्वारा 78, खादी एवं ग्रामोद्योग द्वारा 18, पिछड़ा वर्ग कल्याण द्वारा 113, भाषा विभाग द्वारा 6, न्याय द्वारा 1, युवा कल्याण द्वारा 1 और नगर विकास विभाग द्वारा 664 भवनों को दिव्यांगजन हितैषी व बाधारहित बनाया जा चुका है। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों के अन्य अवशेष भवनों को भी दिव्यांगजन हितैषी व सुगम्य बनाने का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव दिव्यांगजन एवं पिछड़ा वर्ग हेमन्त राव, विशेष सचिव दिव्यांगजन अजीत कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी आदि उपस्थित थे।








