कौशाम्बी: राष्ट्रीय लोक अदालत में 30886 वादों का निस्तारण कर 4 करोड़ 14 लाख 61 हजार 183 रुपए की हुई वसूली,
यूपी के कौशाम्बी जनपद न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जनपद न्यायाधीश जे०पी० यादव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया गया।कार्यक्रम का संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आस्था मिश्रा द्वारा किया गया। कार्यकम में न्यायिक अधिष्ठान के सभी सम्मानित न्यायिक अधिकारी, डीएम, एसपी, बैंक अधिकारी व कर्मचारी अधिवक्ता, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के सदस्य, पराविधिक स्वयं सेवक तथा जनमानस उनस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला कारागार कौशाम्बी में निर्मित उत्पादों तथा किशोरों एवं महिलाओं तथा स्वयं सहायता समूह/गैर सहायता संगठनों द्वारा तैयार किये गये उत्पादों के प्रदर्शनी एवं बिकी हेतु स्टॉल लगवायें गये जिसका निरीक्षण न्यायिक अधिकारियों द्वारा किया गया। लगाये गये स्टॉल के निरीक्षण उपरान्त जनपद न्यायाधीश एवं अन्य न्यायिक अधिकारियो द्वारा न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। ई-सेवा केन्द्र व हेल्प डेस्क के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा लाभ प्रदान कराये जाने हेतु सहयोग प्रदान की गयीं।
राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों के निस्तारण के क्रम में जनपद न्यायाधीश द्वारा 02 वादों का निस्तारण कर 500 रु० का अर्थदण्ड वसूला गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वारा कुल 08 परिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायालय द्वारा 60 वादों का निस्तारण कर प्रतिकर के रूप में 2,42,50,000/ रू० दिलाया गया। अपर जनपद न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट द्वारा 02 वादों का निस्तारण कर 1,000/-रू० का अर्थदण्ड वसूला गया। अपर जनपद न्यायाधीश-तृतीय द्वारा कुल 02 वादों का निस्तारण किया गया। अपर जनपद न्यायाधीश चतुर्थ द्वारा विद्युत अधिनियम के 159 वादों निस्तारण किया गया।
अपर जनपद न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय-प्रथम द्वारा कुल 01 वाद का निस्तारण किया गया। अपर जनपद न्यायाधीश/ परित न्यायालय-द्वितीय द्वारा कुल 01 वाद का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा कुल 985 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 6.00.180/ रू० अर्थदण्ड प्सूला गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट / सिविल जज सी०डि० द्वारा कुल 289 वादों का निस्तारण कर 3,960/- रू० का अर्थदण्ड अधिरोपित करने के अतिरिक्त 12.57,182 रू० का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया। सविल जज जू०डि० द्वारा कुल 178 वादों का निस्तारण के अतिरिक्त 1,000/- रू० का अर्थदण्ड वसूला गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 201 वादों का निस्तारण कर 11,200/ रू० अर्थदण्ड वसूला गया। इसी प्रकार अपर सिविल जज जू०डिए द्वितीय द्वारा 178 वादों का निस्तारण कर 3,500/- रू० अर्थदण्ड वसूला गया। ग्राम न्यायालय द्वारा कुल 103 वाद निस्तारित कर 7.610/- रू० का अर्थदण्ड वसूला गया। सिविल जज जू०डि०/ त्वरित न्यायालय द्वितीय द्वारा कुल 492 वादों का निस्तारण कर 7,610/ रू0 का अर्थदण्ड वसूला गया।
जिले के समस्त राजस्व न्यायालयों द्वारा 26,787 वादों का निस्तारण किया गया तथा पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा 788 वादों का निस्तारण कर 38.31.776/ रू० जमा कराया गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा 05 वाद निस्तारित कर 1,33.409/- रू० जमा कराया गया। न्यायालय, स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं द्वारा सुलह समझौते के अधार कुल 03 मामले का निस्तारण कर 12,53,089 का अवॉर्ड पारित किया गया तथा बैंक के ऋण वसूली पादों से सम्बन्धित जनपद के सभी बैंको के द्वारा 644 वादों का निस्तारण कर 1.00.98.187/- रू० जमा कराया गया।
इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 30886 वादों का निस्तारण कर 4,14,61,183 रू० वसूला गया।








