प्रयागराज स्थित राजकीय बाल (बालिका) गृह/चिल्ड्रेन होम खुल्दाबाद में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

कौशाम्बी: प्रयागराज स्थित राजकीय बाल (बालिका) गृह/चिल्ड्रेन होम खुल्दाबाद में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन,

यूपी के कौशाम्बी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद प्रयागराज स्थित राजकीय बाल (बालिका) गृह/चिल्ड्रेन होम, खुल्दाबाद में “मानव तस्करी के पीड़ितों, यौन शोषण से प्रभावित व्यक्तियों के अधिकार एवं महिलाओं से संबंधित कानून” विषय पर विधिक साक्षरता एवं संवेदनशीलता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को उनके विधिक अधिकारों, उपलब्ध सहायता तंत्रों तथा न्याय तक पहुँच के विभिन्न माध्यमों के संबंध में जागरूक करना था।

कार्यक्रम में मानव तस्करी विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. नरेन्द्र दिवाकर ने कहा कि मानव तस्करी एक गंभीर एवं संगठित अपराध है, जिसमें व्यक्तियों का श्रम, सेवाओं अथवा व्यावसायिक यौन शोषण के उद्देश्य से बल, दबाव, धोखाधड़ी या छल के माध्यम से शोषण किया जाता है। उन्होंने बताया कि जबरन श्रम, यौन शोषण, जबरन विवाह, जबरन भीख मंगवाना तथा अंगों की तस्करी इसके प्रमुख रूप हैं। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 के अंतर्गत प्रदत्त “शोषण के विरुद्ध अधिकार” तथा मानव दुर्व्यापार एवं बंधुआ मजदूरी के निषेध संबंधी प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव प्रिया सिंह ने यौन शोषण के विरुद्ध अधिकारों एवं महिलाओं से संबंधित कानूनों पर विस्तार से जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि यौन प्रकृति का कोई भी गैर-सहमति आधारित अथवा दबावपूर्ण शारीरिक अतिक्रमण यौन शोषण की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि भारत में महिलाओं एवं बच्चों के संरक्षण हेतु भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम तथा अन्य विशेष कानून प्रभावी रूप से लागू हैं, जो यौन हिंसा एवं शोषण को दंडनीय अपराध बनाते हैं। साथ ही उन्होंने राज्य एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता, परामर्श एवं अन्य सहायता सेवाओं के संबंध में भी जानकारी दी।

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कौशाम्बी में इंटर्नशिप कर रहे विभिन्न महाविद्यालयों के विधि (एलएलबी) छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के उपरांत प्रशिक्षुओं ने राजकीय बाल (शिशु) गृह एवं समीप स्थित राजकीय बाल (बालक) प्रेक्षण गृह (Observation Home) का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें संस्थानों की कार्यप्रणाली, संचालन व्यवस्था, बाल संरक्षण तंत्र, संवासित बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, दत्तक ग्रहण प्रक्रिया तथा ऐसे संस्थानों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका एवं दायित्वों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रिया सिंह ने राजकीय बाल (बालिका) गृह का निरीक्षण भी किया तथा संवासिनियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों एवं विधि प्रशिक्षुओं में बाल संरक्षण, महिला अधिकारों, मानव तस्करी एवं यौन शोषण के विरुद्ध कानूनी जागरूकता तथा संवेदनशील वर्गों के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।

इस अवसर पर राजकीय बाल (बालिका) गृह की अधीक्षिका मधु यादव, सहायक अध्यापिका सविता सिंह, पीएलवी ममता दिवाकर, विधि प्रशिक्षु एवं गृह में संवासित बालिकाएं उपस्थित रहीं।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor