भाजपाइयों ने महिला आरक्षण के विरोध पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव का पुतला फूंककर किया प्रदर्शन

कौशाम्बी: भाजपाइयों ने महिला आरक्षण के विरोध पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव का पुतला फूंककर किया प्रदर्शन,

यूपी के कौशाम्बी जनपद के सांगठनिक मण्डल सिराथू,अजुहा,मूरतगंज,सराय अकिल,कौशाम्बी में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में आयोजित जन आक्रोश महिला पदयात्रा के माध्यम से मातृशक्तियों ने विरोध प्रदर्शन कर राहुल गांधी व अखिलेश यादव का पुतला फूंका ।

सराय अकिल मण्डल की पदयात्रा में जिला महामंत्री ज्योति केसरवानी ने पुतला दहन कर संबोधित किया कि आज की जागरूक,सशक्त और आत्मनिर्भर नारी विपक्ष की विकृत मानसिकता को भली-भांति समझ रही है। मातृशक्ति केवल मूकदर्शक नहीं है,बल्कि अपने सम्मान और अधिकारों के प्रति सजग है और समय आने पर इस उपेक्षा और अपमान का करारा जवाब देने के लिए संकल्पित भी है।

इसी क्रम में सिराथू मण्डल की पदयात्रा को पूर्व जिलाध्यक्ष अनीता त्रिपाठी ने संबोधित किया कि वैश्विक अनुभव साक्षी हैं कि जब निर्णय लेने की शक्ति महिलाओं के हाथों में आती है,तो शासन अधिक पारदर्शी और नीतियां अधिक संवेदनशील बनती हैं।दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष आज भी इस ऐतिहासिक सुधार की राह में रोड़ा अटका रहा है।हमारी सरकार ने महिलाओं के अधिकारों के लिए इन महिला विरोधी ताकतों के खिलाफ मजबूती से लड़ेगी,ताकि देश की आधी आबादी को उसका हक मिल सके आने वाले समय में भारत की महिलाएं अपने वोट की ताकत से इन अहंकारी और महिला विरोधी दलों को राजनीति के हाशिए पर पहुंचा देंगी।

कौशाम्बी मण्डल की पदयात्रा को जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा नीतू कनौजिया ने संबोधित करते हुए कहा कि पांच दशक से इस देश के अंदर 11 करोड़ से अधिक ऐसे परिवार थे जिनके घरों में शौचालय नहीं था,महिलाओं के लिए बाहर जाना एक पीड़ा थी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता मिशन की बात कही और आज देश के अंदर 11 करोड़ 72 करोड़ लाख शौचालय बनाए जा चुके हैं,उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 10 करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिए गए हैं जब से देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार है तब से महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु सभी आवश्यक कार्य बिना किसी भेदभाव के किए जा रहे हैं ।

अजुहा मण्डल की पदयात्रा को चेयरमैन अजुहा शांति कुशवाहा ने संबोधित किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष की मानसिकता महिला-विरोधी और संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है,जो दशकों से महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण को लटकाए हुए थे। यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं,बल्कि महिलाओं को उनका हक देने का वंदन है,जिसका विरोध करके विपक्ष ने मातृशक्ति के साथ ऐतिहासिक धोखेबाजी की है। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में माताएं बहनें उपस्थित रहीं।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor