डॉ.मुखर्जी के लिए देश की एकता और अखंडता से बढ़कर कुछ भी नहीं था-दिनेश प्रताप सिंह

कौशाम्बी: डॉ.मुखर्जी के लिए देश की एकता और अखंडता से बढ़कर कुछ भी नहीं था-दिनेश प्रताप सिंह,

यूपी के कौशाम्बी जिले के नगर पालिका परिषद मंझनपुर स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती संस्मरण पक्ष के संदर्भ में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि नवनियुक्त प्रदेश प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह,जिला प्रभारी अवधेश चंद्र गुप्ता,जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य ने संबोधित किया।

मुख्य अतिथि प्रदेश प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आजाद भारत के इतिहास में डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक ऐसा नाम हैं,जिनके लिए देश की एकता और अखंडता से बढ़कर कुछ भी नहीं था। उत्तर में कश्मीर से लेकर पूर्व में बंगाल तक,उन्होंने देश की इंच-इंच भूमि के लिए संघर्ष किया और जम्मू-कश्मीर से दो प्रधान,दो विधान,दो निशान समाप्त करने के संघर्ष में शहीद तक हो गए।

उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र के इतिहास में बहुत कम ऐसे महापुरुष हुए हैं जिन्होंने ने इतने छोटे से जीवनकाल में इतना विशाल काम इतनी गहरी वैचारिक स्पष्टता और इतना बड़ा सर्वोच्च बलिदान समाहित दिया हो, डॉ. मुखर्जी का जीवन हमें सिखाता है कि वास्तविक जनसेवा क्या होती है।

जिला प्रभारी अवधेश चंद्र गुप्ता ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ.मुखर्जी के राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक परिणति 05 अगस्त 2019 को हुई जब मोदी सरकार ने उनके बलिदान के 66 वर्ष बाद अनुच्छेद 370 को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया।

जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य ने कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक,प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और माँ भारती की अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नारा एक देश में दो विधान,दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे का उनका संकल्प केवल एक नारा नहीं,बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता का अटल संकल्प था। जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए उनका संघर्ष और बलिदान भारतीय इतिहास में अमिट रूप से अंकित है।डॉ.मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी विचारधारा को एक सशक्त दिशा दी और अपने विचारों,साहस एवं त्याग से राष्ट्र प्रथम की भावना को जन-जन तक पहुँचाया।उनका जीवन और बलिदान हमें सदैव यह प्रेरणा देता रहेगा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है,और भारत की एकता,अखंडता एवं स्वाभिमान के लिए हर संभव प्रयास करना ही उनके जीवन को सच्ची श्रद्धांजलि है।

इस मौके पर सभी पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि,मण्डल अध्यक्ष,मण्डल महामंत्री,मोर्चा जिलाध्यक्ष/महामंत्री,शक्तिकेंद्र संयोजक,बूथ अध्यक्ष व पार्टी कार्यकता उपस्थित रहें।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor