श्रीनगर के सांसद आगा सैय्यद रूहुल्लाह मेहदी ने करारी में 72 ताबूत के जुलूस में की शिरकत

कौशाम्बी: श्रीनगर के सांसद आगा सैय्यद रूहुल्लाह मेहदी ने करारी में 72 ताबूत के जुलूस में की शिरकत,

यूपी के कौशाम्बी जिले के करारी कस्बे में रविवार को करबला के शहीद हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके 71 वफ़ादार साथियों की याद में पारंपरिक 72 ताबूत का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस मौके पर श्रीनगर से सांसद आगा सैय्यद रूहुल्लाह मेहदी की मौजूदगी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। सांसद ने अज़ादारों के बीच पहुंचकर करबला के पैग़ाम को इंसानियत, न्याय और ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद करने का संदेश बताया।

कर्बला मैदान में आयोजित कार्यक्रम इदारा-ए-इस्लाम के सचिव कर्रार हुसैन उर्फ़ राशिद रिज़वी की निगरानी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत महज़यार रिज़वी ने तिलावत-ए-क़ुरआन से की। निज़ामत ऐनुल रज़ा ने की, जबकि पेशख़्वानी सैफ करारवी और सोज़ख़्वानी एहसान हैदर व मंजर सुहेला ने पेश की।

मुख्य ख़िताब में सांसद आगा सैय्यद रूहुल्लाह मेहदी ने कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत इंसानियत, इंसाफ़ और सत्य की रक्षा के लिए दी गई सबसे बड़ी कुर्बानी है। उन्होंने लोगों से करबला के संदेश को अपने जीवन में उतारने की अपील की।

वहीं मौलाना सैय्यद हैदर अली ज़ैदी ने ताबूत बरामदगी की तक़रीर पेश की। जैसे-जैसे इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों के ताबूत बरामद होते गए, वैसे-वैसे पूरा कर्बला मैदान “हाय हुसैन… हाय हुसैन…” की सदाओं से गूंज उठा और अज़ादारों की आंखें अश्कबार हो गईं।

अंजुमन अत्फ़ाल-ए-हुसैनी ने दर्दभरे नौहों की पेशकश की, जिस पर हज़ारों अज़ादारों ने सीना-ज़नी कर करबला के शहीदों को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया। ताबूतों की जियारत के लिए दूर-दराज़ से आए बच्चे, महिलाएं, बुज़ुर्ग और युवा बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

 

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor