आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने 18 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय की उठाई मांग,मानदेय में मामूली बढ़ोतरी से नाराजगी, पोषण ट्रैकर से जीपीएस हटाने की भी मांग,मुख्यमंत्री को संबोधित सौंपा ज्ञापन

कौशाम्बी: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने 18 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय की उठाई मांग,मानदेय में मामूली बढ़ोतरी से नाराजगी, पोषण ट्रैकर से जीपीएस हटाने की भी मांग,मुख्यमंत्री को संबोधित सौंपा ज्ञापन,

यूपी के कौशाम्बी जिले की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में संतोषजनक वृद्धि किए जाने की मांग तेज हो गई है। संगठन ने उत्तर प्रदेश शासन से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को संविदा के मानकों में शामिल करते हुए न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की है।

संगठन की ओर से दिए गए पत्र में कहा गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं प्रदेश में महिला एवं बाल विकास तथा पोषण संबंधी योजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद हाल में मानदेय और प्रोत्साहन राशि में की गई वृद्धि से कार्यकर्ताओं में संतोष नहीं है।

ज्ञापन में शासन के पत्र का हवाला देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय में 1500 रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में 750 रुपये की वृद्धि का उल्लेख है। साथ ही पीएलआई के तहत कार्यकत्रियों को 2500 रुपये तथा सहायिकाओं को 1250 रुपये दिए जाने की बात कही गई है। संगठन का कहना है कि नियमित मानदेय में हुई वृद्धि अपेक्षाकृत कम है, जिससे कार्यकर्ताओं में निराशा है।

संगठन ने मांग की है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को संविदा के मानकों के अंतर्गत लाकर न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये किया जाए।

इसके अलावा पोषण ट्रैकर में जीपीएस व्यवस्था को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने समस्या उठाई है। उनका कहना है कि जीपीएस के कारण पोषण ट्रैकर संचालित करने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने पोषण ट्रैकर को पूर्व की भांति बिना जीपीएस के संचालित किए जाने की मांग की है।

संगठन ने शासन से दोनों मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के हित में आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor