कौशाम्बी: कौशाम्बी में पिछड़े वर्ग के विकास और प्रतिनिधित्व को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने रखा पक्ष,
यूपी के कौशाम्बी जिले के मंझनपुर में पिछड़ा वर्ग आयोग के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने कौशाम्बी जनपद में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से जुड़े सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक एवं रोजगार संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
बैठक में उन्होंने कहा कि कौशाम्बी में पिछड़ा वर्ग समाज की आबादी का हिस्सा काफी महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार जनपद में OBC की आबादी लगभग 38 से 40 प्रतिशत मानी जाती है, जबकि इस वर्ग की सामाजिक-आर्थिक स्थिति और सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व को लेकर अभी और प्रभावी प्रयास की आवश्यकता है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के बड़ी संख्या में परिवार खेती, पशुपालन, छोटे व्यवसाय, कारीगरी और श्रम आधारित कार्यों से जुड़े हैं। छोटी जोत, कृषि लागत, बाजार तक सीमित पहुंच और रोजगार के सीमित अवसर उनकी आय बढ़ाने में प्रमुख चुनौतियां हैं।
उन्होंने पिछड़े वर्ग के किसानों की आय बढ़ाने के लिए केला एवं सब्जी उत्पादन के क्लस्टर विकसित करने, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत करने तथा बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही चायल एवं भरवारी क्षेत्र में छोटे स्तर के कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड-चेन की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव रखा, ताकि किसानों की उपज खराब न हो और उन्हें उचित मूल्य मिल सके।
बैठक में निषाद, केवट एवं मल्लाह समाज से जुड़े लोगों के लिए तालाबों के पट्टे, मत्स्य पालन को बढ़ावा देने तथा समूह आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बात भी रखी गई। वहीं यादव समाज के पशुपालकों के लिए डेयरी क्षेत्र से बेहतर बाजार संपर्क तथा तेली, कुम्हार, नाई, बढ़ई सहित परंपरागत कारीगर समुदायों के लिए कौशल विकास एवं स्वरोजगार योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता बताई गई।
कल्पना सोनकर ने पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए छात्रावास, डिजिटल लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग एवं छात्राओं की शिक्षा जारी रखने के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर पिछड़े वर्ग के लोगों की भागीदारी पंचायतों और क्षेत्रीय संस्थाओं में दिखाई देती है, लेकिन शिक्षा, सरकारी रोजगार और आर्थिक अवसरों में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास जरूरी हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने आयोग के समक्ष पिछड़ा वर्ग के वास्तविक सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों के आधार पर योजनाएं तैयार करने, प्रतिनिधित्व की समीक्षा करने तथा आवश्यकता के अनुरूप अवसर एवं सुविधाएं बढ़ाने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि कौशाम्बी के पिछड़े वर्ग के किसान और कामगार मेहनती हैं। यदि उन्हें बेहतर बाजार, सिंचाई, भंडारण, कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है।
कल्पना सोनकर ने कहा कि जनपद के प्रत्येक वर्ग के समान अवसर और समावेशी विकास के लिए जिला पंचायत स्तर से हरसंभव प्रयास जारी रहेंगे।








