कौशाम्बी: रामलीला में ताड़का वध और मारीच-सुबाहु वध का हुआ भव्य मंचन,श्रीराम के बाण चलाते ही गूंजा जय श्रीराम का जयघोष,
यूपी के कौशाम्बी जिले के मंझनपुर मुख्यालय में हिन्दू धर्म सभा श्रीरामलीला कमेटी के तत्वावधान में शनिवार की रात रामलीला के तीसरे दिन भगवान श्रीराम की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। इस दौरान ताड़का वध तथा मारीच-सुबाहु वध के प्रसंगों का मंचन देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भगवान श्रीराम के बाण चलाते ही ताड़का का अंत हुआ तो पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
बता दे कि मुख्यालय की शनिवार की रामलीला मंचन में दिखाया गया कि भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के बड़े होने के बाद अयोध्या में महर्षि विश्वामित्र का आगमन होता है। राजा दशरथ उनका स्वागत-सत्कार करते हैं। महर्षि विश्वामित्र बताते हैं कि वन में उनके यज्ञ के दौरान राक्षस बार-बार विघ्न डालते हैं। यज्ञ की रक्षा के लिए वे राजा दशरथ से श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ भेजने का आग्रह करते हैं। यह सुनकर राजा दशरथ चिंतित हो जाते हैं और श्रीराम-लक्ष्मण को भेजने से इनकार करते हुए अपनी सेना भेजने की बात कहते हैं। इस पर गुरु वशिष्ठ राजा दशरथ को समझाते हैं और महर्षि विश्वामित्र के साथ श्रीराम-लक्ष्मण को भेजने के लिए राजी करते हैं। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ वन में ले जाते हैं। वन में ताड़का नामक राक्षसी ऋषियों के यज्ञ और तपस्या में बाधा उत्पन्न करती है।
धर्म की रक्षा और यज्ञ को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए भगवान श्रीराम ताड़का का वध करते हैं। ताड़का के वध का मंचन होते ही दर्शकों ने जय श्रीराम के जयघोष के साथ भगवान श्रीराम का अभिनंदन किया। वहीं आगे मुनि विश्वामित्र के आश्रम में चल रहे यज्ञ को नष्ट करने के लिए मारीच और सुबाहु पहुंचते हैं। यज्ञ की रक्षा के लिए श्रीराम और लक्ष्मण मोर्चा संभालते हैं। दोनों पक्षों के बीच हुए भीषण युद्ध के बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण मारीच-सुबाहु का वध कर यज्ञ की रक्षा करते हैं। मंचन ने श्रद्धालुओं को धर्म की विजय और अधर्म के विनाश का संदेश दिया।
रामलीला देखने के लिए मंझनपुर सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु एवं दर्शक पहुंचे। देर रात तक रामलीला मैदान में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष आशीष केशरवानी उर्फ बच्चाभाई, महामंत्री पंकज गामा, पंकज शर्मा,उपाध्यक्ष ज्ञानचन्द्र गुप्ता, सुशील श्रीवास्तव, रिंकू केसरवानी, संगठन मंत्री झल्लर चौरसिया, मंत्री सुनील श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष सोनालाल, अजय वर्मा, सुशील केसरवानी, संदीप केसरवानी सहित नगर के संभ्रांत नागरिक मुकुन्दी, चाटू भाई समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।








