कौशाम्बी: कैम्पफायर की धुन पर थिरके एनसीसी कैडेट्स,10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का हुआ भव्य समापन,
यूपी के कौशाम्बी जिले के डॉ. ए. एच. रिजवी डिग्री कॉलेज, करारी में 17 यूपी बीएन एनसीसी के दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का देर शाम कैम्पफायर एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ भव्य समापन हुआ। उत्तर प्रदेश के 14 जिलों से आए करीब 600 कैडेट्स ने शिविर के दौरान सैन्य गतिविधियों के साथ अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और राष्ट्रसेवा के गुर सीखे।समापन अवसर पर कैडेट्स ने गीत-संगीत, नृत्य और देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। प्रस्तुतियों में कैडेट्स की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास की शानदार झलक देखने को मिली।
इन दस दिनों के दौरान कैडेट्स ने ड्रिल-परेड, पीटी, फायरिंग, अग्निशमन, प्राथमिक उपचार, फ्लैग एरिया, मानचित्र अध्ययन, खेलकूद और ड्रोन संचालन सहित विभिन्न गतिविधियों में प्रशिक्षण प्राप्त किया। अंतिम दिन कैडेट्स ने ड्रिल-परेड, कदमताल और मार्चिंग का अभ्यास करते हुए अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया।
एनसीसी ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर गौरव वत्स ने शिविर का निरीक्षण कर गतिविधियों, व्यवस्थाओं और कैडेट्स के अनुशासन का जायजा लिया तथा उनका उत्साहवर्धन किया। कैंप कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल अरविंद सिंह के मार्गदर्शन एवं सूबेदार मेजर ओंकार सिंह यादव की देखरेख में शिविर का संचालन हुआ।
आरडीसी की तैयारियों के तहत हवलदार गुरजिंदर सिंह एवं कोरियोग्राफर विजय कुमार पाण्डेय ने नृत्य तथा अमन सिंह ने गायन का अभ्यास कराया। जीसीई नीति सिंह ने समन्वय की जिम्मेदारी संभाली।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. साकिब तौफीक एवं कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. राजेश सक्सेना ने कहा कि एनसीसी युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करती है।
शिविर के सफल संचालन में लेफ्टिनेंट पंकज कुमार, लेफ्टिनेंट कारणवीर, लेफ्टिनेंट विजय प्रताप कुशवाहा, लेफ्टिनेंट ब्रह्मा नंद मौर्या, एनओ आशीष कुमार एवं एनओ डॉ. मोहित कुमार त्रिपाठी, हसीरून निशा एवं सतेन्द्र सिंह सहित समस्त एनसीसी स्टाफ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
शिविर की गतिविधियों एवं कैडेट्स की उपलब्धियों को समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने में डॉ. मदन मोहन मिश्रा, सोशल मीडिया प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष, रसायन शास्त्र की सक्रिय भूमिका रही। महाविद्यालय के समस्त शिक्षक, कार्यालय स्टाफ एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने भी शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दस दिवसीय शिविर के बाद कैडेट्स अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ अपने-अपने जिलों के लिए विदा हुए। विदाई के इस भावुक क्षण में कैडेट्स की आंखों में शिविर की यादें और मन में नई ऊर्जा एवं जिम्मेदारियों का संकल्प साफ दिखाई दिया।








