कौशाम्बी में एक स्कूल प्रबंधक पर स्कूली वाहनों एवं स्कूल से ड्रग तस्करी करने का आरोप,प्रबंधक ने कहा रुपयों के लेन देन का मामला,BSA ने भी की जांच

कौशाम्बी: कौशाम्बी में एक स्कूल प्रबंधक पर स्कूली वाहनों एवं स्कूल से ड्रग तस्करी करने का आरोप,प्रबंधक ने कहा रुपयों के लेन देन का मामला,BSA ने भी की जांच,

यूपी के कौशाम्बी जिले में एक शख्स ने एक स्कूल प्रबंधक पर स्कूली वाहनों एवं स्कूल से ड्रग्स तस्करी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने 13 से 16 जून के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय सहित शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से इसकी ऑनलाइन शिकायत की थी।जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और इसकी जांच की,जांच में यह आरोप आपसी लेनदेन का मामला निकला।

शिकायतकर्ता ने अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए आरोप लगाया था कि करारी थाना क्षेत्र के म्योहर बटबंधुरी गांव स्थित एस.डी. कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल का और स्कूली वाहनों का उपयोग अवैध चरस, हेरोइन और गांजे जैसे नशे की सामग्री के भंडारण व वितरण के लिए किया जा रहा है। शिकायत में स्कूल प्रबंधक अश्वनी पाल पुत्र संगमलाल पाल, निवासी पवारा, करारी को इस नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया गया था।

मुख्यमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहुंचने के बाद जिले में हड़कंप मच गया। कौशाम्बी जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षाधिकारी के साथ 18 जून को स्कूल का निरीक्षण किया। BSA के अनुसार, जांच में स्कूल की मान्यता सही पाई गई और लगाए गए सभी आरोप गलत साबित हुए।

सर्कल समाचार से बातचीत में BSA कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने इसकी जांच की थी, जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता और स्कूल प्रबंधक के बीच पुराने किसी मामले में पैसों के लेनदेन का विवाद है। इसी से आहत होकर शिकायतकर्ता ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे,जिसकी जांच की गई थी,जिसमें आरोप निराधार पाए गए है।

वही सोमवार को सर्कल टीम ने स्कूल प्रबंधक अश्वनी पाल से मिलकर मामले की हकीकत जानी की तो उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता से पूर्व में उनके अच्छे संबंध थे और उन्होंने एक साल पहले किसी काम के लिए शिकायतकर्ता को 5 लाख रुपये नगद दिए थे। मई महीने में जब उन्होंने अपने रुपए वापस मांगे, तो शिकायतकर्ता ने पैसे देने से इनकार कर दिया और स्कूल को बर्बाद करने की धमकी दी थी।इसी को लेकर अब वह हर जगह पर फर्जी शिकायत कर रहा है।

अश्वनी पाल ने बताया कि फर्जी शिकायत के आधार पर भी BSA और ABSA उनके स्कूल आए और विधिवत जांच की है, उन्होंने अपनी सारी बाते उनके सामने रखी है,अधिकारी जांच करने के बाद वापस चले गए।अश्वनी पाल ने बताया कि शिकायतकर्ता खुद भी एक स्कूल में नौकरी करता है और एक मामले में पिछले कई महीने से सस्पेंड चल रहा है।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor