मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य के मार्गदर्शन में डॉक्टरों ने रचा नया कीर्तिमान,2.5 किलो का विशाल फाइब्रॉइड निकाल महिला को दी नई जिंदगी

कौशाम्बी: मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य के मार्गदर्शन में डॉक्टरों ने रचा नया कीर्तिमान,2.5 किलो का विशाल फाइब्रॉइड निकाल महिला को दी नई जिंदगी,

यूपी के कौशाम्बी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (एएसएमसी) के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए एक महिला के गर्भाशय से लगभग 2.5 किलोग्राम वजन का विशाल लियोमायोमा (फाइब्रॉइड) सफलतापूर्वक निकालकर उसे नया जीवन प्रदान किया है। यह जटिल शल्य चिकित्सा प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। वर्तमान में मरीज पूरी तरह सुरक्षित है और चिकित्सकीय निगरानी में तेजी से स्वस्थ हो रही है।

डॉक्टर के अनुसार महिला की आयु लगभग 30 से 32 वर्ष के बीच रही, जो लंबे समय से पेट में लगातार बढ़ती सूजन, अत्यधिक मासिक धर्म रक्तस्राव, निचले पेट में असहनीय दर्द, भारीपन और कमजोरी से परेशान थी। अस्पताल में भर्ती होने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विस्तृत जांच, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य आवश्यक परीक्षण किए, जिनमें गर्भाशय में अत्यधिक बड़े आकार के फाइब्रॉइड की पुष्टि हुई। मरीज की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ टीम ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया।

ऑपरेशन के दौरान स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. यासमीन उबेद एवं डॉ. विशाखा दीक्षित ने अत्यंत कुशलता के साथ लगभग 2.5 किलोग्राम वजन का विशाल फाइब्रॉइड सफलतापूर्वक निकाल दिया। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अभिषेक भास्कर ने पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षित एवं प्रभावी एनेस्थीसिया प्रबंधन सुनिश्चित किया। वहीं ऑपरेशन थिएटर में ओटी स्टाफ दीपक सहित समस्त नर्सिंग एवं पैरामेडिकल टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन एक धंटे तक चला जिसमे दो युनिट ब्ल्ड की आवश्कता पडी़ जिससे परिणाम स्वरूप आपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने सफल ऑपरेशन पर पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि एएसएमसी कौशाम्बी में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के कारण जटिल से जटिल शल्य चिकित्साएं भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य जनपद एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उनके घर के निकट ही उच्च गुणवत्ता की विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

विशेषज्ञों ने बताया कि गर्भाशय का फाइब्रॉइड (लियोमायोमा) महिलाओं में पाया जाने वाला सबसे सामान्य सौम्य (कैंसर रहित) ट्यूमर है। यदि समय पर इसकी पहचान और उपचार न हो तो इसका आकार कई किलोग्राम तक बढ़ सकता है, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव, एनीमिया, पेट दर्द, बार-बार पेशाब आना, कब्ज, पेट का असामान्य रूप से बढ़ना तथा गर्भधारण में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

डॉक्टरों ने महिलाओं से अपील की कि यदि लंबे समय तक अत्यधिक मासिक धर्म, पेट में लगातार सूजन, दर्द या असामान्य रक्तस्राव की समस्या बनी रहे तो उसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेने और आवश्यक जांच कराने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है तथा सफल उपचार संभव है।

एएसएमसी कौशाम्बी की यह सफलता न केवल संस्थान की चिकित्सा विशेषज्ञता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब जनपद स्तर पर भी जटिल स्त्री रोग संबंधी शल्य चिकित्साएं उच्च गुणवत्ता के साथ सफलतापूर्वक की जा रही हैं।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor