राशनकार्ड धारकों को आधार प्रमाणीकरण में असफल होने पर भी मिलेगा राशन,बुजुर्गों को मोबाइल खरीदने की आवश्यकता नहीं

कौशाम्बी: राशनकार्ड धारकों को आधार प्रमाणीकरण में असफल होने पर भी मिलेगा राशन,बुजुर्गों को मोबाइल खरीदने की आवश्यकता नहीं,

यूपी के कौशाम्बी जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अंतर्गत पात्र राशनकार्ड लाभार्थियों को उचित दर की दुकानों के माध्यम से ई-पॉस मशीन पर आधार प्रमाणीकरण के उपरांत निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया जाता है। आधार प्रमाणीकरण के लिए लाभार्थी का बायोमेट्रिक कैप्चर कर यूआईडीएआई सर्वर से उसका मिलान किया जाता है। मिलान सफल होने पर आधार प्रमाणीकरण दर्ज कर राशनकार्ड पर अनुमन्य खाद्यान्न ई-वेइंग स्केल पर तौलकर उपलब्ध कराया जाता है।

यह जानकारी जिला पूर्ति अधिकारी मंगेश कुमार मौर्य ने देते हुए बताया कि यदि किसी कारणवश लाभार्थी का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण सफल नहीं होता है, तो उसी दिन दो बार पुनः बायोमेट्रिक कैप्चर करने की सुविधा उपलब्ध रहती है। तीनों प्रयास असफल होने पर आइरिस स्कैन के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण का प्रयास किया जाता है। आइरिस स्कैन का मिलान सफल होने पर लाभार्थी को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। यदि किसी विशेष लाभार्थी का तीन बार बायोमेट्रिक कैप्चर तथा एक बार आइरिस स्कैन करने के बाद भी प्रमाणीकरण नहीं हो पाता है, तो राशनकार्ड में सम्मिलित अन्य सदस्य निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए अनुमन्य खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं।

वृद्ध, दिव्यांग एवं बीमार लाभार्थियों के लिए मोबाइल ओटीपी आधारित व्यवस्था

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 की मूल भावना के अनुरूप कोई भी पात्र लाभार्थी निःशुल्क खाद्यान्न पाने से वंचित न रहे, इसके लिए वृद्ध, दिव्यांग अथवा बीमारी के कारण बायोमेट्रिक एवं आइरिस स्कैन कराने में असमर्थ राशनकार्ड धारकों के लिए मोबाइल ओटीपी आधारित खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था उपलब्ध है। ऐसे लाभार्थियों को खाद्य एवं रसद विभाग के विभागीय पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर को ओटीपी आधारित वितरण के लिए पंजीकृत कराना होता है।इन लाभार्थियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक वितरण चक्र के अंतिम दिन मोबाइल ओटीपी आधारित खाद्यान्न वितरण कराया जाता है, जिससे पात्र लाभार्थियों को किसी भी स्थिति में निःशुल्क खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित न रहना पड़े।

ओटीपी आधारित वितरण के लिए नया मोबाइल खरीदने की आवश्यकता नहीं

यह स्पष्ट किया जाता है कि ओटीपी आधारित खाद्यान्न वितरण की सुविधा केवल उन राशनकार्ड धारकों के लिए है, जिनका किसी भी स्थिति में आधार प्रमाणीकरण संभव नहीं हो पाता है और जिनका मोबाइल नंबर विभागीय पोर्टल पर पहले से पंजीकृत है। यह व्यवस्था प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वर्ष 2017 से लगातार संचालित है। अतः इस व्यवस्था के लिए किसी भी राशनकार्ड धारक को नया मोबाइल फोन खरीदने की आवश्यकता नहीं है।

सितंबर, 2026 में प्रदेश में कुल 3,41,69,420 राशनकार्डों पर खाद्यान्न वितरण किया गया, जबकि इनमें से मात्र 83,093 राशनकार्डों पर ओटीपी आधारित वितरण हुआ। कुल खाद्यान्न वितरण लेन-देन की संख्या के सापेक्ष यह संख्या नगण्य है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने राशनकार्ड धारकों से अपील है कि वे किसी भी भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए नया मोबाइल फोन न खरीदें। पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से संचालित हैं।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor