राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की मनमानी के विरोध में सकिपा कार्यकर्ताओं ने सीडीओ को सौंपा ज्ञापन

कौशाम्बी: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की मनमानी के विरोध में सकिपा कार्यकर्ताओं ने सीडीओ को सौंपा ज्ञापन,

यूपी के कौशाम्बी जिले में समर्थ किसान पार्टी के तत्वावधान में पार्टी नेता अजय सोनी की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सीडीओ बिनोद राम त्रिपाठी को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की मनमानी के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से कनवार बॉर्डर से अजुहा, सैनी, चाकवन पुरामुफ्ती तक राजमार्ग पर बनाए गए ओवरब्रिज और मुख्य राजमार्ग के आसपास जनहित में आवश्यकतानुसार कट रास्ता बनाए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन में राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनो ओर बनाए गए नालों को खुले छोड़े जाने पर आपत्ति जताते हुए तत्काल इन्हे बंद किए जाने, साथ ही राजमार्ग के दोनो तार लगाकर पैदल यात्रियों की पैदल यात्रा को प्रतिबंधित किए जाने पर अनावश्यक स्थलों पर तार हटाए जाने की भी मांग हुई।

इसी तरह स्कूल, अस्पताल, विद्युत उपकेंद्र, धार्मिक स्थल, दवाखाना, पेट्रोल पंप, स्थानीय गांवो की ओर जाने वाले मार्गो पर ओवरब्रिज से 200 मीटर से 500 मीटर के दायरे में कट मार्ग दिए जाने पर जोर दिया गया। इसी के साथ स्थानीय बाजारों एवं स्थानीय गांवो के लोगों के आवागमन हेतु प्रत्येक 500 मीटर की दूरी पर अनिवार्य रूप से कट मार्ग बनाए जाने की भी ज्ञापन मे।मांग की गई।

इस अवसर पर अजय सोनी ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कौशांबी के लोगों के साथ मनमानी कर रहा है जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि एनएचआई ने पहले लोगो की जमीन, मकान, दुकान, प्रतिष्ठान पर कब्जा कर लोगो का घर और रोजी रोटी छीनने का काम किया। अब आम लोगो के आवागमन को अवरूद्ध कर लोगो को नाहक परेशान कर रहा है। इससे स्थानीय लोग अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। कहा कि कटमार्ग न बनने से परेशान लोग अपनी दुकान और प्रतिष्ठान घर को बेंचकर या बंद कर पलायन को विवश हो रहे हैं। जिससे स्थानीय बाजारों की रौनक गायब हो रही है।

इस अवसर पर अजय सोनी ने कहा कि जल्द ही इस मुद्दे पर एनएचआई समुचित कार्यवाही नहीं करता तो समर्थ किसान पार्टी आंदोलन कराने को विवश होगी। ज्ञापन स्वीकार करते हुए सीडीओ ने समुचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।

इस अवसर पर वेद यादव, हीरालाल अग्रहरि, मुन्ना लाल वर्मा, जुम्मन अली आदि मौजूद रहे

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor