व्यापारियों को अब नहीं कराना होगा फूड लाइसेंस का नवीनीकरण,सरकार के आदेश का व्यापारियों ने किया स्वागत

प्रयागराज: व्यापारियों को अब नहीं कराना होगा फूड लाइसेंस का नवीनीकरण,सरकार के आदेश का व्यापारियों ने किया स्वागत,

यूपी के प्रयागराज में सरकार के व्यापारियों में लिए गए निर्णय का सिविल लाइंस उद्योग व्यापार मंडल की ओर से स्वागत करते हुए सिविल लाइंस उद्योग महिला व्यापार मंडल की अध्यक्ष एवं खाद्य कारोबारी स्वाती निरखी ने बताया कि फूड कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से फूड रजिस्ट्रेशन लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है । जिसका प्रतिवर्ष नवीनीकरण कराए जाने का प्रावधान है जो एक वर्ष से वर्ष के लिए कराया जा सकता है। किंतु बहुत बार व्यापारी के ध्यान से उतर जाने पर एक निश्चित अवधि के बाद लाइसेंस रद्द हो जाता था और उसे नया लाइसेंस लेना पड़ता था जिसके लिए पुनः एक जटिल प्रक्रिया से गुजरना होता था।

10 मार्च को एक गजट के माध्यम से सरकार ने अब नवीनीकरण को समाप्त कर दिया है अर्थात अब लाइसेंस अथवा रजिस्ट्रेशन लेने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं कराना होगा।

व्यापारी नेत्री स्वाती निरखी ने आगे बताया कि सरकार ने राहत देते हुए रजिस्ट्रेशन जो कि पूर्व में सालाना 12 लाख टर्न ओवर तक के कारोबारी पर लागू होता था, उसे बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दिया गया है। तथा 5 करोड़ सालाना टर्नओवर के व्यापारी को राज्य से और 5 करोड़ से अधिक टर्नओवर के व्यापारी को केंद्र से लाइसेंस लेना होता था। इस सीमा को बढ़ाकर अब 50 करोड़ सालाना टर्नओवर तक के व्यापारी राज्य से एवं उससे अधिक टर्नओवर के व्यापारी को केंद्र से लाइसेंस प्राप्त करना होगा।

स्ट्रीट फूड वेंडर्स को राहत देते हुए नए प्रावधान में नगर निगम अथवा स्ट्रीट फूड बैंडर्स एक्ट 2014 के तहत रजिस्टर्ड स्ट्रीट फूड बेडर्स को को एफएसएसए के अंतर्गत डीम्ड रजिस्टर्ड माना जाएगा। इसका वेंडर्स को दो अलग जगह अपने को रजिस्टर्ड करने और उत्पीड़न से मुक्ति मिलेगी।

व्यापारी नेता नीरज जायसवाल ने कहा कि यह सभी प्रावधान अप्रैल 2026 से लागू होंगे अतः ऐसे सभी रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस जिनकी वैधता 31 मार्च 2026 तक है फिलहाल उन्हें नवीनीकरण करना होगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार को आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा इससे इससे व्यापारियों को बार-बार फूड रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण करने की झंझट से राहत मिलेगी।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor