कुंडा के बड़े महाराज उदय प्रताप समेत 13 लोग हाउस अरेस्ट,मोहर्रम को लेकर प्रशासन ने की कार्रवाई,सभी के घरों पर नोटिस चस्पा

प्रतापगढ़: कुंडा के बड़े महाराज उदय प्रताप समेत 13 लोग हाउस अरेस्ट,मोहर्रम को लेकर प्रशासन ने की कार्रवाई,सभी के घरों पर नोटिस चस्पा,

यूपी के प्रतापगढ़ जिले में मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने एहतियाती कार्रवाई करते हुए कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह रहा भैया के पिता बड़े महाराज राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को हाउस अरेस्ट कर दिया है। सभी के घरों पर नोटिस चस्पा कर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने उन्हें शुक्रवार की रात 9 बजे तक घरों में ही रहने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हाउस अरेस्ट किए गए सभी व्यक्तियों के आवासों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।अधिकारियों का कहना है कि मोहर्रम के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

बताया जाता है कि कुंडा क्षेत्र के शेखपुर में वर्षों से मोहर्रम के दिन भंडारे का आयोजन होता था। इसे लेकर दूसरे समुदाय के कुछ लोगों द्वारा आपत्ति जताई जाती रही है। विवाद के चलते कई बार ताजिया जुलूस भी प्रभावित हुआ। इसके बाद प्रशासन ने भंडारे के आयोजन पर रोक लगा दी थी। हालांकि इसके बावजूद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर राजा उदय प्रताप सिंह समेत कई लोगों को नजरबंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।स्थानीय लोगों के अनुसार यह कार्रवाई अब लगभग परंपरा का रूप ले चुकी है और पिछले कई वर्षों से मोहर्रम के दौरान इसी तरह के कदम उठाए जाते रहे हैं। पहले जहां अन्य जनपदों से भी बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाया जाता था, वहीं अब सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत सीमित कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक इस बार भी 300 से अधिक लोगों को शांतिभंग की आशंका के तहत पाबंद किया गया है। वहीं गुरुवार को बड़े महाराज उदय प्रताप सिंह सहित 13 लोगों को हाउस अरेस्ट किए जाने की कार्रवाई की गई।

एएसपी पश्चिमी प्रतापगढ़ बृजनंदन राय ने बताया कि एसडीएम कुंडा  के आदेश के क्रम में एहतियातन यह कार्रवाई की गई है,उदय प्रताप सिंह एवं उनके 12 सहयोगियों को गांव और जनपद में कही भी भ्रमण करने से मना किया गया है,सभी को गुरुवार की सुबह से शुक्रवार की शाम तक घरों पर ही रहने के लिए कहा गया है,जिससे कि क्षेत्र की कानून व्यवस्था बिगड़ने न पाए।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor