जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पराविधिक स्वयंसेवकों (अधिकार मित्र) का कलस्टर आधारित ‘संवर्धन’ का द्वितीय चरण का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

कौशाम्बी: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पराविधिक स्वयंसेवकों (अधिकार मित्र) का कलस्टर आधारित ‘संवर्धन’ का द्वितीय चरण का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न,

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा प्रेषित कार्य योजना के अनुसार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जनपद कौशाम्बी के तत्वावधान में जनपद फतेहपुर, प्रतापगढ़, बांदा, चित्रकूट के पराविधिक स्वयं सेवकों (अधिकार मित्रों) का कलस्टर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम संवर्धन के द्वितीय चरण के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन, सम्राट उदयन सभागार, कलेक्ट्रेट कौशाम्बी में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कौशाम्बी जे.पी.यादव द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।उद्घाटन सत्र में डीएम कौशाम्बी,एसडीएम मंझनपुर, तहसीलदार मंझनपुर, सीओ चायल, नायब तहसीलदार चायल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में जनपद कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, बांदा, चित्रकूट से नामित प्रत्येक जनपद के दो-दो पराविधिक स्वयं सेवकों को सर्वश्रेष्ठ पराविधिक स्वयं सेवक मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इसी क्रम में जनपद कौशाम्बी से ममता दिवाकर एवं अमरदीप दिवाकर को जनपद न्यायाधीश के द्वारा अन्य जनपदों के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सचिवों की उपस्थिति में सर्वश्रेष्ठ पराविधिक स्वयं सेवकों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जनपद एवं सत्र न्यायाधीश जे पी यादव ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पीएलवी (PLV) को विधिक सेवा कानूनों के प्रति और अधिक जागरूक व संवेदनशील बनाना है। इसके तहत परा विधिक स्वयं सेवकों को जमीनी स्तर पर न्याय तक पहुँच सुनिश्चित करना, कानूनी सहायता के लिए लाभार्थी की पहचान करना, और दस्तावेजीकरण करना आदि सिखाया जाता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कौशाम्बी की सचिव प्रिया सिंह ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कार्यशालाएँ, भूमिका अभिनय (role-play), और कानूनी मामलों पर चर्चा शामिल होती है।

पराविधिक स्वयं सेवकों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की बाल कल्याणकारी योजनाएं 2024, यौन शोषण और मानव दुर्व्यवहार, यौन शोषण के पीड़ितों के लिए योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान किया।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फतेहपुर पलाश गांगुली ने एसिड अटैक पीड़ितों के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की योजना 2016 के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

लीगल एड क्लीनिक रेगुलेशन 2011 व अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर क्रमशः शांभवी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतापगढ़ एवं इला चौधरी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट ने विषय पर विस्तार से जानकारी प्रदान किया।

लाभार्थियों की पहचान, दस्तावेजी करण, विधिक सहायता प्रार्थना पत्र की प्रक्रिया एवं सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं, किशोर न्याय (देखभाल एवं बच्चों का सरंक्षण) अधिनियम, महिलाओं के लिए सुरक्षात्मक कानून, बच्चों से संबंधित मामलों में पराविधिक स्वयं सेवकों की भूमिका, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम निषेध एवं निवारण अधिनियम 2013, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना आदि के बारे में पराविधिक स्वयं सेवकों को विस्तार से जानकारी दी।

बतौर रिसोर्स पर्सन देवेंद्र कुमार, आनंद केसरवानी, रवि प्रकाश मौर्या, मो.रेहान, रामा मिश्रा, कमलेश चंद्र, बेबी नाज, उपनिरीक्षक अर्चना चौबे एवं विंध्यवासिनी ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान किया।

लैंगिक अपराधों से बालिकों का संरक्षण अधिनियम 2012 पर जानकारी प्रदान करते हुए अपर जिला जज  पूर्णिमा प्रांजल ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा आयोजित एक अनिवार्य कार्यक्रम है, जिससे पीएलवी, जो आम जनता और कानूनी सेवाओं के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करते हैं, के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करता है साथ ही अन्य जनपदों के प्राविधिक स्वयं सेवकों में आपसी संवाद और एक दूसरे से सीखने की प्रक्रिया को और समृद्ध करता है।यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से कानूनी साक्षरता, मौलिक अधिकारों, वैकल्पिक विवाद समाधान और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित होता है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से परा विधिक स्वयं सेवक अपने काम में सफल होने के लिए आवश्यक जरूरी कौशल विकसित कर सकेंगे।

कार्यक्रम का संचालन चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अमित कुमार एवं डिप्टी चीफ लीगल एड काउंसिल मो.अख्तर खान ने तथा धन्यवाद ज्ञापन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रिया सिंह ने किया।

इस अवसर पर 5 जनपदों के पराविधिक स्वयंसेवकों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी, अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor