जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने केपीएस भरवारी में दीप प्रज्ज्वलित कर विधिक जागरूकता शिविर का किया शुभारंभ किया

कौशाम्बी: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने केपीएस भरवारी में दीप प्रज्ज्वलित कर विधिक जागरूकता शिविर का किया शुभारंभ किया,

यूपी के कौशाम्बी जिले के कौशाम्बी प्रेसीडेंसी स्कूल भरवारी में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रिय सिंह ने जागरूकता शिविर का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सचिव प्रिया सिंह ने छात्र ल, छात्राओं को एवं उपस्थित जनसमूह को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) के संबंध में बताते हुए उसके प्रकार, बचाव के उपाय तथा शिकायत की प्रक्रिया समझाई। साथ ही पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के अंतर्गत बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले प्रावधानों की जानकारी दी।

इसके अतिरिक्त उन्होंने पॉश एक्ट (POSH Act) के बारे में बताते हुए कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न से सुरक्षा के अधिकारों को स्पष्ट किया। मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की मानसिक समस्या होने पर उचित परामर्श (Counselling) लेना आवश्यक है।

सचिव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क पैनल अधिवक्ताओं की सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे न्याय प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम में उन्होंने पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLV) की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और बताया कि ये स्वयंसेवक समाज के कमजोर वर्गों तक कानूनी जानकारी पहुंचाने तथा उन्हें सहायता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

साथ ही चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल अमित मिश्रा ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं जनसमूह को विभिन्न कानूनी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) के तहत बच्चों के साथ होने वाले अपराधों, उनके प्रकार, सख्त दंड प्रावधानों तथा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया।

उन्होंने आईपीसी (Indian Penal Code) एवं बीएनएस (Bharatiya Nyaya Sanhita) के प्रमुख प्रावधानों के बारे में बताते हुए कहा कि नए कानूनों के माध्यम से अपराधों पर और अधिक प्रभावी नियंत्रण तथा त्वरित न्याय सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

अमित मिश्रा ने एविडेंस (साक्ष्य) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी भी मामले में साक्ष्य की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जो न्यायालय में अपराध सिद्ध करने का आधार बनती है।

उन्होंने लैंगिक अपराध (Gender-based crimes) एवं उनसे संबंधित दंड और कारावास (सजा) के प्रावधानों की भी जानकारी दी, जिससे लोगों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़े और वे ऐसे अपराधों के प्रति सतर्क रह सकें।

इसके साथ ही उन्होंने स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) के महत्व को समझाते हुए बताया कि न्याय में देरी से पीड़ित को नुकसान होता है, इसलिए त्वरित सुनवाई न्याय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अंत में उन्होंने शोषण (Exploitation) के विभिन्न रूपों के बारे में जानकारी दी और कहा कि किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध कानून सख्त है तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कई कानूनी प्रावधान उपलब्ध हैं।

साथ ही जिला प्रोबेशन कार्यालय से उपस्थित ऊषा ने महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के बारे में बताते हुए कहा कि यह योजना बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के अंतर्गत बालिका के विभिन्न चरणों—जन्म, टीकाकरण, विद्यालय में प्रवेश, कक्षा 6, 9, 10 व 12 तक की पढ़ाई—पर किस्तों के रूप में आर्थिक सहयोग दिया जाता है।

ऊषा ने यह भी बताया कि जिन परिवारों में दो बेटियां होती हैं, उन्हें इस योजना का विशेष लाभ मिल सकता है, बशर्ते वे निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करते हों। इससे बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन मिलता है और परिवार पर आर्थिक बोझ कम होता है।

इसके अतिरिक्त उन्होंने अन्य सरकारी योजनाओं जैसे महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, पोषण एवं शिक्षा से संबंधित योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी और बताया कि इनका उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों के जीवन स्तर को सुधारना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

अंत में उन्होंने सभी से अपील की कि वे इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाएं और जरूरतमंद लोगों तक भी यह जानकारी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग सरकारी सुविधाओं का लाभ ले सकें।

अंत में प्रधानाचार्य सीमा पवार ने कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर असिस्टेंट लीगल एंड डिफेंस काउंसिल तिलक नारायण, पी.एल.वी. मनीषा दिवाकर, निलेश कुमार, कृष्णा कपूर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor