माखन चोरी के बहाने गोपियों के मन को चुराया:संत राजेंद्र जी महाराज

कौशाम्बी: माखन चोरी के बहाने गोपियों के मन को चुराया:संत राजेंद्र जी महाराज,

यूपी के कौशाम्बी जिले के सिराथू में चल रही श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के पंचम दिवस में व्यास पीठ पर विराजमान राष्ट्रीय संत राजेंद्र जी महाराज के अमृतवाणी के द्वारा कथा का सुंदर उपग्रहण कराया जा रहा है।

सीता वाटिका मैरिज गार्डन केपीएस स्कूल के सामने सिराथू में बाल लीलाओं का वर्णन करते महाराज जी ने कहा कि 11 वर्ष 55 दिन तक भगवान जब तक ब्रज मंडल में रहे अपने केस नहीं बनवाई ना ही सिले हुए वस्त्र को धारण किया और ना चरण पादुका धारण किए भगवान के जैसे ग्वाल बाल रहते थे। इस प्रकार भगवान प्रभु भी साथ में रहते भगवान श्री कृष्ण को गाय से बहुत बड़ा प्रेम है इसलिए भगवान का नाम बड़ा गोपाल गौ माता गोवर्धन गोपियों से गंगा से गायत्री से भगवान की वाणी गीत से जो प्रेम करता है उससे हमारे प्रभु बहुत प्रसन्न होते हैं।

उन्होंने कहा कि आज के समय पर पर्यावरण की दृष्टि से हमें पीपल और बरगद हमारे सनातन धर्म में सदैव पूजनीय इसलिए हम लोगों को अपने बच्चों के जन्मदिन में वृक्षारोपण करके प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए,माखन चोरी लीला का वर्णन करते हुए कहा कि जिनके घर में स्वयं 9 लाख गौ माता थी, उनको दूसरे के घर में जाकर के माखन चोरी करने की क्या जरूरत थी, भगवान ने इसी लीला के बहाने ब्रज गोपियों को दर्शन देकर के आनंद प्रदान किया।

माखन चोरी लीला आनंद की लीला गिरिराज जी के पावन प्रसंग में महाराज जी ने कहा कि इंद्र के अभियान का मर्दन करके समस्त बृजवासियों को विश्वास कराया की जी इंद्र की पूजा आप लोग करते हैं वह अभियान का प्रतीक है, एक रूप में स्वयं गिरिराज जी पूजा कर रहे हैं और स्वयं पूजित हमारे सनातन धर्म में दक्षिण में तिरुपति बालाजी चित्रकूट में कामदगिरि और ब्रज मंडल में गिरिराज जी की परिक्रमा की विशेष महिमा जो भक्ति की परिक्रमा करता है, उसकी कलयुग में समस्त मनोकामनाएं परिपूर्ण हो जाती है गिरिराज जी साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है।

सात कोस के गिरिराज को अपने कनिष्टि का अंगुली धारण करके समस्त बृजवासियों की रक्षा की आज गिरिराज जी की सुंदर झांकी का दर्शन करके समस्त नगर वासी धन्य हुए कल की कथा में श्री द्वारकाधीश के साथ जगत जननी मां लक्ष्मी स्वरूप रुक्मणी जी का विवाह का वर्णन किया जाएगा।

मुख्य श्रोता रमाशंकर पांडे, सीता पांडे, सुनील पांडे,सुशील पांडे, सुधीर पांडे एवं समस्त पांडे परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor