गविष्ठी गौरक्षार्थ यात्रा के साथ कौशाम्बी पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बोले अंग्रेजों के बाद से स्थापित सरकारें नहीं कर पा रही गौमाता की रक्षा,इसलिए उठाया संकल्प,अब राजनीति में भी दिखाएंगे दम

कौशाम्बी: गविष्ठी गौरक्षार्थ यात्रा के साथ कौशाम्बी पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बोले अंग्रेजों के बाद से स्थापित सरकारें नहीं कर पा रही गौमाता की रक्षा,इसलिए उठाया संकल्प,अब राजनीति में भी दिखाएंगे दम,

यूपी के गोरखपुर से 3 मई को गविष्ठी गौरक्षार्थ यात्रा के साथ निकले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार को कौशाम्बी पहुंचे,गौरक्षार्थ यात्रा का जिले की तीनों विधानसभाओं में जगह जगह स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।इस दौरान उन्होंने लोगो से गौमाता की रक्षा के लिए इस अभियान से जुड़ने की अपील की।

उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय में गौ माता को पशु कहा गया, दुर्भाग्य की बात है कि उनको भगा दिए जाने के बाद से जो भी स्थापित सरकारें है जो हमारे वोट लेती है और सरकार बनाती है,लेकिन वह हमारी गौमाता की रक्षा नहीं कर पा रही है।इसीलिए अब जन जन को इसके लिए निकलना पड़ रहा है।

मीडिया के राजनीति में उतरने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि कोई पार्टी हमारी मांगों के समर्थन में आती है और गौमाता की लड़ाई लड़ने में हमारे साथ खड़ी होती है तो हम उसके साथ होंगे अन्यथा हम अलग से पूरे उत्तर प्रदेश में प्रत्येक विधानसभा में प्रत्याशी उतरेंगे और चुनाव लड़ेंगे।

सत्तासीन पार्टी द्वारा विरोधी दलों द्वारा फंडिंग किए जाने और बैक सपोर्ट दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि उनको लगता है कि कोई हमारे इस अभियान में फंडिंग कर रहा है अथवा बैकिंग कर रहा है तो उसको सामने लाए,पता करे उसका,झूठा आरोप लगाने से कुछ नहीं होता है,जनता जान चुकी है और इस बार रईस लोगो को सबक सिखाएगी।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंझनपुर में शंकराचार्य चतुरंगिनी सेना के केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन भी किया।इस दौरान यात्रा के जिला प्रभारी सचिन द्विवेदी,सचिन पांडे,श्रवण केसरवानी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor