कौशाम्बी: विश्व रेबीज दिवस पर मेडिकल कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम,समय पर उपचार और टीकाकरण से रेबीज से बचाव संभव:प्राचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह,
यूपी के कौशाम्बी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर रेबीज के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने की।
प्रधानाचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने अपने संबोधन में रेबीज के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह एक गंभीर एवं घातक वायरल बीमारी है, लेकिन समय पर उचित चिकित्सा एवं टीकाकरण द्वारा इससे बचाव संभव है। उन्होंने पशु के काटने अथवा खरोंच लगने पर तत्काल घाव को साबुन एवं बहते पानी से अच्छी तरह धोने तथा बिना विलंब चिकित्सकीय परामर्श लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में डॉ. अरिंदम चक्रवर्ती ने रेबीज वायरस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वायरस की प्रकृति, संक्रमण के तरीके तथा मानव शरीर में इसके प्रभाव के संबंध में वैज्ञानिक जानकारी प्रस्तुत की।
डॉ. संतोष कुमार ने रेबीज के लक्षण, बचाव एवं रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने पशु के काटने के बाद तत्काल अपनाए जाने वाले आवश्यक कदमों तथा समय पर चिकित्सा सहायता लेने के महत्व को समझाया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं आमजन में रेबीज के प्रति वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाना तथा पशु के काटने की स्थिति में तत्काल एवं सही चिकित्सा उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। साथ ही पालतू पशुओं के नियमित टीकाकरण एवं जिम्मेदार पशु-पालन के प्रति भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. सुरभि प्रकाश, डॉ. रविरंजन सिंह, डॉ. शारदा सिंह, डॉ. विकास कुमार, सहायक आचार्य डॉ. शिवम बिस्नोई, डॉ. अंकित तिवारी सहित अन्य संकाय सदस्य, चिकित्साधिकारी, एमबीबीएस छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।








