कौशाम्बी: जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति उत्तर प्रदेश बाल विवाह मुक्ति जागरूकता रथ यात्रा का हुआ शुभारंभ,
यूपी के कौशाम्बी जिले में जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति उत्तर प्रदेश द्वारा 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता बैठक का आयोजन कौशाम्बी के सांसद पुष्पेन्द्र सरोज की अध्यक्षता में कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय परिसर मंझनपुर में किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुंदर लाल सुमन ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्री भारत सरकार अन्नपूर्णा देवी द्वारा 27 नवम्बर 2024 को विज्ञान भवन नई दिल्ली में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का शुभारम्भ किया गया था। यह अभियान जनपद में डीएम के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है, जिसका जिले में उल्लेखनीय प्रभाव पड़ा है।
जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन अलायंस के सहयोगी के रूप में जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति उ०प्र० को आपको बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन ने राष्ट्रव्यापी अभियान के बाद देश भर में 1.9 लाख से ज्यादा बाल विवाहों को सफलतापूर्वक रोका है, हमें इस प्रथा के उन्मूलन की कार्रवाई में भारत की प्रगति पर गर्व है, बाल विवाह जैसी कुप्रथा ने लम्बे समय से बच्चों के बचपन, विशेषकर लडकियों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। जनपद कौशाम्बी में बाल विवाह जागरूकता पर जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति द्वारा पिछले 2 वर्षो से जनपद में कार्यक्रम संचालित कर रही है।
शंकर दयाल ने कहा कि “100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति, उत्तर प्रदेश द्वारा इस अभियान की शुरुआत 1 दिसम्बर 2025 किया गया है और यह अभियान 8 मार्च 2026 तक चलना है,जिसका मुख्य उद्देश्य समुदाय स्तर पर व्यापक जन जागरूकता फैलाकर बाल विवाह की घटनाओं को रोकना एवं ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान चलाकर 8 मार्च 2026 (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) तक कुछ पंचायतों को चिन्हित करके ‘बाल विवाह मुक्त पंचायत’ घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई बार सरकारी योजनाओं और कानूनों की जानकारी लोगों तक नहीं पहुँच पाती है। ऐसे में जागरूकता हेतु बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा एक सशक्त माध्यम के रूप में उभरती है। बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा के माध्यम से गाँव-गाँव जाकर जनसंवाद, पोस्टर, पम्पलेट, ऑडियो संदेश, शपथ कार्यक्रम तथा सामुदायिक बैठकें आयोजित की जायेंगी, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुँच सके। समाज में मानसिकता परिवर्तन, बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने तथा शिक्षा और सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने का भी माध्यम है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जो बालिकाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास में बाधा उत्पन्न करती है। इसे समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक एवं सक्रिय भूमिका निभानी होगी और सांसद जी द्वारा बाल विवाह न करने, न शामिल होने के सन्दर्भ में उपस्थित सभी लोगों को शपथ भी दिलाई गई।
प्रबंधक महामति प्राणनाथ डिग्री कालेज मऊ सुन्दर लाल सुमन ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह समाप्त करने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे,साझा प्रयासों और सूचना तंत्र की सक्रियता से ही इस कुप्रथा को ख़त्म किया जायेगा, आइये हम सब मिलकर यह शपथ लें कि आज के बाद हम ऐसे किसी बाल विवाह में न शामिल होंगे और इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर देंगे।
संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह रथ यात्रा आगामी दिनों में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर बाल विवाह उन्मूलन के लिए जनसहभागिता सुनिश्चित करेगी।
बैठक के पश्चात् रथ यात्रा को कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय परिसर से सांसद पुष्पेन्द्र सरोज द्वारा हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया गया।
इस अवसर पर आवासीय विद्यालय की प्राचार्य मुदिता सहित जिला प्रोबेशन कार्यालय से अजीत सिंह, प्रबंधक महामति प्राणनाथ डिग्री कालेज मऊ सुन्दर लाल सुमन, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति कमलेश चंद्र, मालती देवी परामर्शदाता, पूनम पाल जिला समन्वयक हब फॉर एंपावरमेंट, अंजू द्विवेदी जेंडर स्पेशलिस्ट, प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर विकास कुमार, कृष्ण कुमार सुपरवाइजर चाइल्ड लाइन, ए एच टी यू कांस्टेबल आंचल सिंह पटेल, एडवोकेट नीरज कुमार, जिलाध्यक्ष छात्र सभा राजू पटेल, तथा संस्था के कार्यकर्ता मुदित कुमार, आदित्य कुमार, अमित कुमार एवं पुष्पेंद्र सिंह सहित अनेक छात्राएं व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।







