स्वास्थ्य का मतलब केवल बीमारियों से दूर रहना ही नहीं,अपितु शारीरिक और मानसिक रूप से भी फिट रहना है- आस्था मिश्रा

कौशाम्बी: स्वास्थ्य का मतलब केवल बीमारियों से दूर रहना ही नहीं,अपितु शारीरिक और मानसिक रूप से भी फिट रहना है- आस्था मिश्रा,

यूपी के कौशाम्बी जिले में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय डायट मैदान मंझनपुर कौशाम्बी में विश्व स्वास्थ्य दिवस,लैंगिक समानता, नशा मुक्त एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, महिलाओं व बच्चो के अधिकार, सेनेटरी पैड के वितरण एवं (PCPNDT) ACT 1994 के क्रियान्वयन विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर शिविर को संबोधित करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आस्था मिश्रा ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस जो प्रत्येक वर्ष 7 अप्रैल को पूरे विश्व में मनाया जाता है। यह दिवस प्रत्येक वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की स्थापना की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 विश्व के लोगों से विज्ञान का समर्थन करने का आह्वान करता है। इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम टुगेदर फ़ॉर हेल्थ, स्टैण्ड विद साइंस अर्थात “स्वास्थ्य के लिए एकजुटता और विज्ञान के साथ खड़े रहें” है।

इसका तात्पर्य है कि स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए विज्ञान आधारित साझेदारी आवश्यक है। हमें अपने साथ साथ जानवरों, वनस्पतियों और पृथ्वी के स्वास्थ्य की रक्षा मिलजुलकर वैज्ञानिक तरीके से करनी है।यह हमें याद दिलाता है कि एक स्वस्थ शरीर ही हमारी सबसे बड़ी संपत्ति है।स्वास्थ्य का मतलब केवल बीमारियों से दूर रहना नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना भी है।

नायब तहसीलदार मंझनपुर मो.मोबिन अहमद ने कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा पौष्टिक आहार लेना चाहिए एवं सब्जियों के उत्पादन में रासायनिक उर्वरक डालने से बचना चाहिए जिससे सब्जियों को खाने से किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य संबंधी समस्या न हो और कहा कि अगर गर्मी के मौसम में किसी भी प्रकार की क्षति पूर्ति (फसलों में आग लगना, असमय बारिश से खराब हुई फसल के मुआवजे) हेतु हमसे संपर्क करें, मुआवजे की राशि समय से मिल जाएगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमलेंद्र कुशवाहा ने बच्चों से बात करते हुए कहा कि आप सभी बच्चे आने वाले समय के भविष्य हैं इसलिए आप लोगों को मेहनत और लगन से पढ़ने की जरूरत ताकि आप अपने सपनों को साकार कर देश की सेवा कर सके।

पीएलवी ममता दिवाकर ने भारतीय संविधान में दिए गए अधिकारों, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही योजनाओं, महिलाओं से संबंधित विभिन्न विशेष कानूनों जैसे घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005; दहेज निषेध अधिनियम, 1961 महिलाओं का अभद्र चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 और बाल विवाह निषेध अधिनियम, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012, भरण-पोषण से संबंधित प्रावधान और विभिन्न अधिनियमों में महिलाओं से संबंधित उपलब्ध प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, प्रत्येक माह की 1, 9 16 और 24 तारीखों को की जाने वाली निःशुल्क जांच, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया आदि बीमारियों, उनसे बचाव के तरीके व टीकाकरण के बारे में भी जानकारी प्रदान की।

पीएलवी ज्योत्सना सोनकर ने बच्चों को नशा मुक्त भारत अभियान, बाल विवाह मुक्त भारत एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, वृद्धा पेंशन, पति की मृत्यु उपरांत निराश्रित महिला विधवा पेंशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों की जानकारी दी।

सिमरन ने महिलाओं के स्वस्थ संबंधी विभिन्न समस्याओं और उनके इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान किया और कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्राओं को महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से सैनिटरी पैड का निःशुल्क वितरण किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय शिक्षिकाएं मीरा सोनकर, आकांक्षा त्रिपाठी, आभा शर्मा, दर्शना मिश्रा, पीएलवी ममता दिवाकर, ज्योत्सना सोनकर, सतीश सिंह, अमरदीप दिवाकर सहित सैकड़ों की संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

 

Ashok Kesarwani- Editor
Author: Ashok Kesarwani- Editor