कौशाम्बी: मेडिकल कॉलेज में फार्माकोविजिलेंस पर हुई संगोष्ठी,रोगी सुरक्षा और सुरक्षित दवा उपयोग पर दिया जोर,
यूपी के कौशाम्बी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में छठे नेशनल फार्माकोविजिलेंस वीक के अवसर पर फार्माकोविजिलेंस विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. हरिओम कुमार सिंह ने किया। उन्होंने उद्घाटन व्याख्यान में दवाओं के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग, दवाओं से होने वाली प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की पहचान तथा उनकी समय पर रिपोर्टिंग के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रधानाचार्य ने कहा कि रोगी की सुरक्षा के लिए दवाओं के प्रभाव और संभावित दुष्प्रभावों की निरंतर निगरानी आवश्यक है। ADR की समय पर पहचान और रिपोर्टिंग से मरीजों की सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है।
फार्माकोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आत्मित सिंह ने फार्माकोविजिलेंस, दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों तथा Adverse Drug Reaction (ADR) की पहचान एवं रिपोर्टिंग के बारे में जानकारी दी। डॉ. नसरीन एवं डॉ. प्रशांत ने भी ADR की पहचान, प्रबंधन और रिपोर्टिंग प्रक्रिया पर जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में डॉ. सरस्वती जायसवाल यादव, डॉ. राकेश कुमार शुक्ला, डॉ. अरुण कुमार पाण्डेय, डॉ. रवि रंजन सिंह, डॉ. शारदा सिंह, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. शिवम बिश्नोई, डॉ. प्रीति त्रिपाठी, डॉ. नन्दिनी राघव, डॉ. अंकित कुमार तिवारी एवं वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. सुरभि प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के चिकित्सक एवं चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।








